घर में झाड़ू रखते समय न करें ये 7 गलतियां, वरना आ सकती है आर्थिक तंगी

वास्तु शास्त्र के अनुसार झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। घर में सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए झाड़ू से जुड़े इन विशेष नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है।

झाड़ू से जुड़ी सावधानियां

हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में झाड़ू को केवल सफाई का यंत्र नहीं, बल्कि धन की देवी मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य के अनुसार, घर में झाड़ू के रखरखाव से जुड़ी कुछ गलतियां आर्थिक परेशानियों और वास्तु दोष को न्यौता दे सकती हैं।

वास्तु के अनुसार झाड़ू रखने के नियम

  • सही दिशा का चयन: झाड़ू को कभी भी ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिए। इसे हमेशा दक्षिण या पश्चिम दिशा के किसी कोने में छिपाकर रखना चाहिए, ताकि बाहर से आने वाले लोगों की नजर इस पर न पड़े।
  • पैर न लगाएं: झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक मानकर हमेशा सम्मान देना चाहिए। इसे कभी भी पैर से नहीं लांघना चाहिए और न ही कभी ठोकर मारनी चाहिए।
  • संध्या काल में सफाई से बचें: रात के समय या सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाने से बचना चाहिए। यदि बहुत आवश्यक हो, तो कचरे को इकट्ठा कर ढक दें और उसे सुबह ही बाहर फेंकें।
  • बाहर जाते समय का ध्यान: घर से किसी सदस्य के निकलते ही तुरंत झाड़ू नहीं लगानी चाहिए। उनके जाने से पहले या जाने के करीब एक से डेढ़ घंटे बाद ही सफाई करना शुभ माना जाता है।
  • खुले में न रखें: झाड़ू को कभी भी खुले स्थान पर न रखें। इसे हमेशा ढककर और लेटाकर रखना चाहिए।
  • खड़ा करके न रखें: वास्तु में झाड़ू को खड़ा करके रखना बेहद अशुभ माना गया है। इसे हमेशा जमीन पर लिटाकर ही रखें।
  • पुरानी झाड़ू का निपटान: झाड़ू पुरानी या खराब होने पर उसे बदल देना चाहिए। पुरानी झाड़ू को कहीं भी फेंकने या जलाने के बजाय जमीन में गड्ढा खोदकर दबा देना ज्यादा शुभ माना जाता है।

मां लक्ष्मी का प्रतीक

दिवाली और धनतेरस पर नई झाड़ू खरीदने की परंपरा इसी मान्यता से जुड़ी है कि झाड़ू साक्षात मां लक्ष्मी का रूप है। इन नियमों का पालन करने से न केवल घर में स्वच्छता बनी रहती है, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और बरकत का वास होता है।

https://hindi.news18.com/astro/astro-tips-vastu-tips-for-broom-placement-mistakes-that-may-affect-prosperity-jhadu-ko-kis-disha-mein-rakhna-chahie-local18-10598383.html