बीजेपी ने आरोपों को बताया निराधार
भोपाल में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए तमाम आरोपों का कड़ा खंडन किया है। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस जनता के बीच भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। पार्टी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक जनप्रिय नेता हैं जो राज्य को प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए निरंतर मेहनत कर रहे हैं। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस की इन साजिशों को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
संपत्ति और जमीन को लेकर स्पष्टीकरण
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने तथ्यों के साथ आरोपों का जवाब दिया है। उन्होंने बताया कि साल 2023 में मुख्यमंत्री द्वारा दाखिल किए गए नामांकन के अनुसार, उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो साल 2026 में भी उतनी ही है। इसी तरह उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है।
सिद्धि विनायक कंपनी और अन्य दावों की सच्चाई
हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि जिस सिद्धि विनायक कंपनी का उल्लेख किया गया है, उसकी जमीन 2023 में 68 एकड़ थी जो अब घटकर 65 एकड़ रह गई है। मुख्यमंत्री ने इस कंपनी के निदेशक पद से साल 2017 में ही इस्तीफा दे दिया था। इसके अलावा:
- मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव के पास 16 एकड़ जमीन है, जिसमें मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई वृद्धि नहीं हुई है।
- बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर है।
- रिश्तेदारों पर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं और उनका मुख्यमंत्री के परिवार से कोई व्यावसायिक संबंध नहीं है।
पिछड़े वर्ग के नेतृत्व से कांग्रेस को परेशानी
प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी हमेशा पिछड़े वर्ग के नेताओं को निशाना बनाती है। उन्होंने कहा कि उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान और अब डॉ. मोहन यादव जैसे पिछड़े वर्ग के नेताओं के मुख्यमंत्री बनने पर कांग्रेस ने हमेशा षडयंत्र किए हैं। हेमंत खंडेलवाल ने अंत में कहा कि कांग्रेस विकास के कार्यों में मुकाबला करने में विफल रही है, इसलिए वे इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाकर मुख्यमंत्री को कमजोर करने का असफल प्रयास कर रहे हैं।
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