क्या था पूरा मामला
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में स्थित कस्डोल थाना क्षेत्र के खर्व गांव में पिछले 4 महीनों के भीतर 8 रहस्यमयी मौतों ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। पुलिस की जांच में जो खुलासा हुआ, वह किसी फिल्म की कहानी जैसा है। गांव के ही एक शख्स ने पुरानी दुश्मनी और व्यक्तिगत रंजिशों के कारण आठ लोगों की जान जहरीली शराब पिलाकर ले ली।
कैसे रची गई खौफनाक साजिश
आरोपी की दरिंदगी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने पहले जहर का प्रभाव जांचने के लिए एक कुत्ते पर परीक्षण किया था। शातिर आरोपी इतना चालाक था कि किसी को उस पर शक न हो, इसलिए वह वारदात को अंजाम देने के बाद खुद पीड़ितों को अस्पताल ले जाता और उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था। इस मामले की जांच के लिए आईजी अमरेश मिश्रा की निगरानी में एसपी ओपी शर्मा ने एक विशेष जांच दल का गठन किया था।
कैसे खुला राज
पुलिस को पहला सुराग 14 अप्रैल 2026 को मिला, जब कार्तिक नाम का एक व्यक्ति जहर का शिकार होने के बावजूद समय पर इलाज मिलने के कारण बच गया। उस जीवित बचे गवाह के बयानों ने पुलिस को कातिल तक पहुंचने का रास्ता दिखाया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस ने कब्र खोदकर 7 शवों को बाहर निकाला और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए रायपुर भेज दिया, जबकि एक अन्य मृतक का अंतिम संस्कार पहले ही हो चुका था।
हत्याओं का सिलसिलेवार ब्यौरा
आरोपी ने हर हत्या के पीछे एक अलग कारण बताया:
- 6 फरवरी 2026: बद्री की हत्या गाली-गलौज के विवाद के कारण की गई।
- 20 फरवरी: बुटालु को चुनावी रंजिश और समाज को अपशब्द कहने के कारण जहर दिया।
- 12 मार्च: छुतराम पर पत्नी पर बुरी नजर रखने का शक था, इसलिए उसे मौत के घाट उतारा।
- 20 मार्च: बुधराम की हत्या जमीन के लेनदेन और सामाजिक विवाद में की गई।
- 31 मार्च: विनोद कुमार को गाली-गलौज के कारण जहरीली शराब पिलाई।
- 28 अप्रैल: गजानंद की जान टोना-टोटका के शक में ली गई।
- 29 अप्रैल: चैतुराम को 50 हजार रुपये के कर्ज से छुटकारा पाने के लिए मारा।
- 14 मई: महतेरराम की हत्या चुनावी विवाद और ताने मारने के चलते की गई।
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