महराजगंज के विनोद गुप्ता: 80 बार रक्तदान कर बने लोगों के मसीहा, जानिए क्या है प्रेरणा की कहानी

उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में रहने वाले विनोद गुप्ता ने अब तक 80 बार रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की है। उनके इस निस्वार्थ कार्य के लिए उन्हें जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

रक्तदान से मानवता की सेवा

उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में विनोद गुप्ता अपनी दरियादिली और निस्वार्थ सेवा के लिए चर्चा में रहते हैं। उन्होंने अब तक 80 बार रक्तदान कर न केवल लोगों की जान बचाई है, बल्कि समाज के सामने एक बड़ी मिसाल भी रखी है। उनके इस जज्बे को देखते हुए महराजगंज के जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है।

साल 2005 से शुरू हुआ सफर

विनोद गुप्ता ने बताया कि इस नेक काम की शुरुआत 2005 में हुई थी। तब उनकी आयु 23 साल थी। उनके साले ने फोन कर बताया कि उनकी माताजी की तबीयत बहुत खराब है और उन्हें रक्त की तत्काल आवश्यकता है। उस समय विनोद एक समाचार पत्र में फोटोग्राफर के रूप में कार्यरत थे। अपने भाई धर्मेंद्र के साथ मिलकर उन्होंने फैसला किया कि वे रक्तदान करेंगे। रात के 9 बजे वे अपनी मोटरसाइकिल से गोरखपुर गए और गुरु गोरक्षनाथ ब्लड बैंक में पहली बार रक्तदान किया। उस समय किए गए रक्त के दान से उनकी सासू मां को नया जीवन मिला और वे अगले 14 साल तक जीवित रहीं।

रक्तदान के प्रति जागरूकता

विनोद गुप्ता का मानना है कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है। वे सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को इसके प्रति जागरूक करते हैं और अपने रक्तदान के फोटो और वीडियो साझा करते हैं। उन्होंने बताया कि रोटरी क्लब और रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा आयोजित शिविरों से प्रेरित होकर उनके साथ 8 अन्य लोग भी रक्तदान के लिए आगे आए। उनका कहना है कि एक यूनिट रक्त से तीन लोगों को मदद मिल सकती है, जिसमें रक्त, प्लाज्मा और प्लेटलेट्स शामिल हैं।

आपात स्थिति में दिखाई तत्परता

रक्तदान के नियमों के अनुसार आमतौर पर तीन महीने का अंतराल जरूरी होता है, लेकिन एक बार अपने मित्र की पत्नी की जान बचाने के लिए उन्होंने डेढ़ महीने के भीतर ही रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि उस समय मरीज की हालत बहुत नाजुक थी और उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था।

रक्तदान के स्वास्थ्य लाभ

विनोद गुप्ता के अनुसार, नियमित रक्तदान करने से शरीर स्वस्थ रहता है और कई गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। उन्होंने बताया कि इसके कई फायदे हैं:

  • शरीर में रक्त का संचार बेहतर तरीके से होता है।
  • हार्ट अटैक जैसी हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम कम होता है।
  • शरीर में रक्त के थक्के नहीं जमते, जिससे ब्रेन हैमरेज जैसी समस्याओं का खतरा भी कम हो जाता है।

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