राजभर के दावों पर लगा विराम
लखनऊ में समाजवादी पार्टी के दफ्तर में शिवपाल यादव के कदम रखते ही राजनीतिक गलियारों में चल रही अटकलें थम गई हैं। पिछले कुछ समय से ओम प्रकाश राजभर लगातार यह दावा कर रहे थे कि समाजवादी पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। राजभर ने तो यहाँ तक कहा था कि शिवपाल यादव और धर्मेंद्र यादव को सपा कार्यालय में जाने के लिए अखिलेश यादव की अनुमति की आवश्यकता होती है। हालांकि, शिवपाल यादव का बिना किसी रोक टोक के कार्यालय पहुंचना इन दावों की पोल खोलने के लिए काफी था।
पुराने दावों का इतिहास
ओम प्रकाश राजभर का यह कोई पहला बयान नहीं है जो विवादों में रहा हो। इससे पहले जून 2026 में भी उन्होंने इसी तरह का दावा किया था। तब राजभर ने जोर देकर कहा था कि समाजवादी पार्टी के कई सांसद पार्टी से अलग होने वाले हैं और पार्टी में बड़ी टूट देखने को मिलेगी। हालांकि, समय बीतने के साथ ही उनके ये दावे हवा-हवाई साबित हुए। राजभर द्वारा फैलाए जा रहे इन कयासों के बाद अब एक बार फिर से सपा की आंतरिक स्थिति को लेकर बहस शुरू हो गई है।
क्या है सपा की मौजूदा स्थिति
समाजवादी पार्टी में टूट या यादव परिवार में किसी भी तरह के मतभेद की खबरों को शिवपाल यादव ने अपने व्यवहार से पूरी तरह से नकार दिया है। राजभर ने 29 सितंबर को जो बयान दिया था, उसके बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा थी कि क्या पार्टी की कमान और संगठन पर अखिलेश यादव का पूरी तरह से नियंत्रण है या नहीं। लेकिन धरातल पर सपा में किसी भी बड़ी टूट या बगावत के कोई ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं।
निष्कर्ष
ओम प्रकाश राजभर के बयानों और पार्टी कार्यालय में नेताओं की सक्रियता को देखते हुए यह स्पष्ट है कि सपा अपनी रणनीति पर मजबूती से काम कर रही है। शिवपाल यादव की उपस्थिति ने यह संदेश दे दिया है कि पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं का तालमेल बरकरार है और बाहर से किए जा रहे दावों का पार्टी की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/lucknow-shivpal-singh-yadav-deflated-op-rajbhars-claims-reached-samajwadi-party-office-with-full-swagger-and-sent-a-message-to-his-opponents-ws-n-10874702.html