निर्जला एकादशी का महत्व
हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष स्थान है। साल भर में आने वाली सभी एकादशियों में निर्जला एकादशी को सबसे अधिक फलदायी माना गया है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और उपवास करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह व्रत न केवल मानसिक शांति देता है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है। इस वर्ष निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून 2026 को रखा जाएगा।
शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 24 जून 2026 को दोपहर 02 बजकर 42 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 25 जून 2026 को शाम 04 बजकर 39 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर व्रत 25 जून 2026, गुरुवार को मनाया जाना श्रेष्ठ रहेगा।
तुलसी से जुड़े चमत्कारी उपाय
एकादशी के दिन तुलसी पूजन का विधान अत्यंत लाभकारी माना जाता है। यदि आप अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं, तो इन उपायों को अपना सकते हैं:
- आर्थिक समृद्धि के लिए: यदि आपके घर में धन टिक नहीं रहा है, तो निर्जला एकादशी पर कच्चे दूध में तुलसी मंजरी मिलाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का अभिषेक करें। इससे आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं।
- करियर में सफलता: करियर संबंधी रुकावटों को दूर करने के लिए तुलसी के पौधे के पास 11, 21 या 51 दीपक जलाएं और तुलसी चालीसा का पाठ करें।
- सौभाग्य प्राप्ति: माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए तुलसी को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें। ऐसा करने से घर में सुख और संपन्नता का आगमन होता है।
- विवाह में बाधाएं: जिन जातकों के विवाह में अड़चनें आ रही हैं, वे इस दिन तुलसी और शालिग्राम का विधि-विधान से पूजन करें, जिससे वैवाहिक जीवन के योग मजबूत होते हैं।
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