ITR फाइलिंग: आयकर की इस धारा से बचा सकते हैं 2 लाख रुपये तक का टैक्स

अगर आप पुराने टैक्स रिजीम के तहत आईटीआर दाखिल कर रहे हैं, तो धारा 24बी आपके लिए बड़े काम की हो सकती है। इस धारा के जरिए आप होम लोन के ब्याज पर 2 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं।

होम लोन पर टैक्स बचाने का मौका

आयकर रिटर्न यानी आईटीआर भरने का सीजन आ चुका है। जो करदाता पुराने टैक्स रिजीम का विकल्प चुन रहे हैं, उनके लिए अपनी कर देनदारी को कम करने के कई रास्ते खुले हैं। इनमें से सबसे प्रभावी तरीका होम लोन से जुड़ी टैक्स छूट का लाभ उठाना है। इनकम टैक्स कानून के तहत घर खरीदारों को राहत देने के लिए दो मुख्य धाराएं बनाई गई हैं, जिनमें से एक के जरिए आप सीधे 2 लाख रुपये तक की बचत कर सकते हैं।

धारा 24बी का जादू

ज्यादातर लोग धारा 80सी के बारे में जानते हैं, जिसके तहत होम लोन के मूलधन यानी प्रिंसिपल अमाउंट पर 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है। लेकिन, सबसे बड़ी राहत आयकर अधिनियम की धारा 24बी प्रदान करती है। इस धारा का लाभ होम लोन पर चुकाए गए ब्याज पर मिलता है। आप सालभर में जो भी ब्याज भरते हैं, उसमें से 2 लाख रुपये तक की राशि को अपनी कर योग्य आय से घटा सकते हैं।

टैक्स छूट पाने की शर्तें

धारा 24बी के तहत छूट पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं:

  • यह छूट केवल उसी घर पर मिलती है जिसका स्वामित्व आपके पास है।
  • घर का निर्माण कार्य होम लोन लेने के 5 साल के भीतर पूरा हो जाना चाहिए।
  • यह नियम बने-बनाए घर खरीदने, नया मकान बनाने या पुराने मकान की मरम्मत एवं रिनोवेशन के लिए लिए गए लोन पर भी लागू होता है।

किराये के मकान पर नियम

अगर आपने अपना मकान किराये पर दे रखा है, तो नियम और भी फायदेमंद हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में आप धारा 24बी के तहत ब्याज पर कोई सीमा नहीं रखते हैं। आप पूरे चुकाए गए ब्याज पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। इस छूट को क्लेम करने के लिए आपको अपने बैंक से ब्याज का प्रमाण पत्र यानी इंटरेस्ट सर्टिफिकेट प्राप्त करना होगा और आईटीआर भरते समय इसे प्रस्तुत करना होगा।

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