लगातार आठ बार की असफलता के बाद मिली जीत
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से खाद्य सुरक्षा अधिकारी-2025 परीक्षा के नतीजे 22 जून की शाम को घोषित किए गए। इस परीक्षा में कचनारिया गांव की रहने वाली एक किसान की बेटी राधा चंद्रवंशी ने प्रदेश भर में 50वीं रैंक हासिल कर परिवार और पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। राधा की इस कामयाबी की खबर मिलते ही गांव में जश्न का माहौल है और उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
कठिन सफर और निरंतरता का परिणाम
राधा के लिए यह उपलब्धि आसान नहीं थी। उन्होंने साल 2019 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की थी। इस दौरान उन्हें कुल 8 बार नाकामी का मुंह देखना पड़ा। उन्होंने राज्य सेवा परीक्षा में 5 बार प्रयास किया, जिसमें 2 बार प्रारंभिक परीक्षा में और 3 बार मुख्य परीक्षा में उन्हें असफलता मिली। हालांकि, इन झटकों के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और पिछले 2 साल से घर पर रहकर ही अपनी पढ़ाई जारी रखी।
17 साल बाद निकली भर्ती में पहले प्रयास में सफलता
खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पद के लिए यह भर्ती 17 साल के लंबे अंतराल के बाद निकली थी। राधा ने इस मौके को भुनाते हुए महज 6 महीने के भीतर पूरे सिलेबस को तैयार किया। हिंदी माध्यम से पढ़ाई करते हुए उन्होंने पहले ही प्रयास में प्री, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू की बाधाओं को पार कर अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया।
साधारण पृष्ठभूमि से अफसर तक का सफर
राधा का परिवार एक साधारण किसान पृष्ठभूमि से आता है। उनके पिता कालूराम किसान हैं और वे अपने परिवार की पहली सदस्य हैं जिन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की है। अपनी शुरुआती पढ़ाई उन्होंने सरकारी स्कूल से की और ब्यावरा के कन्या शाला से 12वीं की परीक्षा पास की। उच्च शिक्षा के लिए इंदौर जाकर उन्होंने बायोलॉजी, जूलॉजी और बॉटनी के साथ स्नातक की डिग्री पूरी की।
अगला लक्ष्य UPSC की परीक्षा
अपनी सफलता का श्रेय राधा निरंतरता और ईमानदारी से की गई मेहनत को देती हैं। उनका मानना है कि लक्ष्य स्पष्ट होने पर विपरीत परिस्थितियों में भी सफलता पाई जा सकती है। राधा अब अपनी इस कामयाबी से उत्साहित होकर देश की सबसे प्रतिष्ठित यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने का सपना देख रही हैं।
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