ट्विशा केस: जेल में पहली रात, अस्पताल वार्ड में रखे गए समर्थ और गिरिबाला, जानें वजह

ट्विशा शर्मा मौत मामले में न्यायिक हिरासत में भेजी गईं रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की पहली रात भोपाल सेंट्रल जेल में बीती। उम्र और चोट के चलते दोनों को जेल के अस्पताल वार्ड में रखा गया है।

भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजी गईं रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह ने अपनी पहली रात भोपाल सेंट्रल जेल में गुजारी। मंगलवार शाम दोनों को जेल लाया गया, जहां उनकी उम्र और सेहत को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए।

अस्पताल वार्ड में क्यों रखा गया दोनों को

जेल पहुंचने के बाद गिरिबाला सिंह को महिला वार्ड में बनाए गए अस्पताल जैसे इमरजेंसी रूम में रखा गया। इस कक्ष में तीन बेड मौजूद हैं, जिनमें से एक उन्हें दिया गया। वहीं उनके बेटे समर्थ सिंह को जेल के खंड (ब) में स्थित अस्पताल में भर्ती किया गया।

समर्थ सिंह के वकील एनॉश जॉर्ज कॉलों के मुताबिक, पिछली अदालती पेशी के दौरान समर्थ के पैर में चोट लग गई थी। डॉक्टरों को उनका एक्स-रे कराना है, इसी वजह से उन्हें फिलहाल अस्पताल में रखा गया है। दूसरी ओर, गिरिबाला सिंह की अधिक उम्र और सुरक्षा से जुड़ी जरूरतों को देखते हुए उन्हें भी अस्पताल वार्ड में रहने की सुविधा दी गई है।

कैदियों की तरह मिला भोजन

जेल प्रशासन के अनुसार, दोनों को बाकी कैदियों की तरह ही सामान्य भोजन परोसा गया। जेल में बिताई पहली सुबह उन्हें नाश्ते में नमकीन, दलिया और चाय दी गई।

जेल में प्रवेश के समय गिरिबाला सिंह ने इच्छा जताई थी कि उन्हें कार से ही जेल परिसर के भीतर ले जाया जाए। हालांकि जेल प्रशासन ने इस मांग को नहीं माना। इसके बाद महिला सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में उन्हें पैदल ही जेल के अंदर ले जाया गया।

जेल में दिनचर्या और खानपान

भोपाल सेंट्रल जेल में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को पहली रात अन्य कैदियों की तरह ही सामान्य भोजन दिया गया। शाम 6 बजे दोनों को रोटी और कढ़ी-पकौड़ा परोसा गया। जेल सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने किसी विशेष डाइट की मांग नहीं की। हालांकि गिरिबाला सिंह ने चना दाल खाने से इनकार कर दिया। अगली सुबह उन्हें नाश्ते में नमकीन दलिया और चाय दी गई, जिसे दोनों ने खाया।

जेल में सभी कैदियों के लिए तय दिनचर्या के अनुसार सुबह 6 बजे चाय, 7 बजे नाश्ता, 11 बजे से 12 बजे के बीच दोपहर का भोजन, दोपहर 3 बजे चाय और शाम 6 बजे रात का खाना दिया जाता है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर कोर्ट का फैसला

इस बीच, ट्विशा शर्मा के परिजनों को दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंपने की मांग पर भी अदालत ने फैसला सुनाया है। परिजनों ने रिपोर्ट की कॉपी मांगते हुए आवेदन दिया था, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।

सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच पूरी होने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट परिजनों को नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने सीबीआई के इस तर्क को स्वीकार करते हुए आवेदन निरस्त कर दिया।

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