पावटा अस्पताल घटना के बाद अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग, गायत्री राठौड़ ने उम्मेद अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

राजस्थान के पावटा अस्पताल में प्रसूताओं की हालत बिगड़ने के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने जोधपुर के उम्मेद अस्पताल पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

अस्पताल की व्यवस्थाओं की ली जानकारी

पावटा अस्पताल में हाल ही में सामने आई प्रसूताओं की बिगड़ती तबीयत के मामलों को देखते हुए राजस्थान का स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने जोधपुर स्थित उम्मेद अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर और पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में जाकर वहां की कार्यप्रणाली को बारीकी से परखा।

प्रोटोकॉल और गुणवत्ता पर दिया जोर

निरीक्षण के दौरान गायत्री राठौड़ ने वहां मौजूद चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ से सीधी बातचीत की। उन्होंने अस्पताल में दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मेडिकल प्रोटोकॉल की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों के उपचार में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और अस्पताल को सरकार द्वारा निर्धारित एसओपी यानी मानक संचालन प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है।

हर साल 25 हजार से ज्यादा प्रसव

अस्पताल की महत्ता को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 1938 से संचालित उम्मेद अस्पताल राज्य के सबसे महत्वपूर्ण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्रों में गिना जाता है। आंकड़ों के मुताबिक, यहां प्रतिवर्ष लगभग 25 हजार प्रसव होते हैं, जो इसे स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा केंद्र बनाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

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