खरगोन के 5 चमत्कारी हनुमान मंदिर: जहां मन्नत पूरी होने से दूर होते हैं हर संकट

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में स्थित पांच प्राचीन हनुमान मंदिर अपनी अनूठी मान्यताओं और चमत्कारों के लिए विख्यात हैं, जहां दूर-दराज से भक्त अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आते हैं।

खरगोन के प्रमुख और दुर्लभ हनुमान धाम

मध्य प्रदेश का खरगोन जिला न केवल अपनी ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है, बल्कि यहां स्थित हनुमान मंदिरों की लंबी श्रृंखला भी भक्तों के आकर्षण का केंद्र है। इनमें से 5 ऐसे मंदिर हैं जो अपने स्वरूप और चमत्कारों के लिए खासे लोकप्रिय हैं।

नूतन नगर का दाता हनुमान मंदिर

लगभग 90 साल पुराना यह मंदिर अपनी अनूठी स्थापना के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि इस मूर्ति को कहीं और ले जाया जा रहा था, लेकिन जिस स्थान पर इसे कुछ देर के लिए पीपल के पेड़ के नीचे रखा गया, वहां से यह मूर्ति दोबारा हिली ही नहीं। भक्तों का मानना है कि हनुमान जी यहां साक्षात विराजमान हैं और प्रत्येक मंगलवार को यहां बड़ी संख्या में लोग सुंदरकांड पाठ के लिए जुटते हैं।

ओखलेश्वर धाम: विश्व में अनोखी प्रतिमा

बड़वाह के जंगलों में स्थित ओखलेश्वर धाम में हनुमान जी की ऐसी प्रतिमा है जो पूरी दुनिया में कहीं और नहीं देखी गई। यहाँ हनुमान जी की प्रतिमा के हाथ में गदा या पर्वत के स्थान पर शिवलिंग स्थापित है। मान्यता है कि रामेश्वरम जाते समय हनुमान जी यहां रुके थे। इस मंदिर की एक और खासियत यह है कि यहां 1976 से अखंड रामायण का पाठ चल रहा है, जिसे वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी जगह मिली है।

श्री संकटमोचन मंदिर और आटे का दिया

कुंदा नदी के तट पर स्थित यह प्राचीन मंदिर लगभग 350 साल पुराना है। होलकर शासनकाल में निर्मित इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि यदि भक्त यहां आकर आटे का दीपक जलाते हैं, तो उनके जीवन के सभी गंभीर संकट दूर हो जाते हैं।

कसरावद का त्रिमूर्ति हनुमान मंदिर

कसरावद के यादव मोहल्ले में स्थित यह मंदिर त्रिमूर्ति हनुमान के नाम से प्रसिद्ध है। यहां हनुमान जी की तीन अलग-अलग अवस्थाओं वाली मूर्तियां विराजित हैं। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि विवाह में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए यह स्थान बहुत प्रभावी है। शनिवार और मंगलवार को यहां सरसों के तेल का दीपक जलाने से वैवाहिक जीवन की बाधाएं समाप्त होती हैं।

खेड़ापति हनुमान मंदिर की अनूठी परंपरा

पोस्ट ऑफिस चौराहे पर स्थित खेड़ापति मंदिर 350 वर्षों से भी अधिक पुराना है। यहां तीन मुखी हनुमान जी के दर्शन होते हैं। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां गर्भगृह में महिलाओं के प्रवेश और मूर्ति को स्पर्श करने पर कोई पाबंदी नहीं है। महिलाएं यहां हनुमान जी को अपना भाई मानती हैं और हर साल रक्षा बंधन के अवसर पर सैकड़ों महिलाएं यहां भगवान को राखी बांधने आती हैं।

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