जापान की सरजमीं पर लहराया परचम
भारत के उभरते हुए मोटरसाइकिल रेसर चिरंत विश्वनाथ ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 18 साल के चिरंत ने जापान के मोबिलिटी रिसॉर्ट मोटेगी रेसट्रैक पर आयोजित एफआईएम एशिया रोड रेसिंग चैंपियनशिप के तीसरे दौर में जीत का स्वाद चखा। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही वे मोटेगी रेसट्रैक पर जीत दर्ज करने वाले पहले भारतीय रेसर बन गए हैं।
शानदार वापसी और रोमांचक मुकाबला
चिरंत ने टीवीएस अपाचे आरआर 310 मोटरसाइकिल पर सवार होकर यह कामयाबी हासिल की। रेस की शुरुआत में उन्होंने जबरदस्त बढ़त बनाई थी, लेकिन आठ लैप की इस रेस के पांचवें लैप के दौरान एक अन्य राइडर से टक्कर होने के कारण वे फिसलकर पांचवें स्थान पर पहुंच गए। हालांकि, उन्होंने धैर्य नहीं खोया और आखिरी लैप में तीन प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ते हुए रेस अपने नाम कर ली।
चैंपियनशिप की अगली तैयारी
जीत के बाद रेस-2 में भी चिरंत ने बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखा, हालांकि एक अन्य टक्कर के कारण उन्हें दो स्थानों का नुकसान झेलना पड़ा और वे चौथे स्थान पर रहे। इन परिणामों के बाद चिरंत अब चैंपियनशिप स्टैंडिंग में चौथे स्थान पर काबिज हैं। उनकी नजरें अब अगस्त महीने में इंडोनेशिया में होने वाले अगले दौर पर टिकी हैं।
कौन हैं चिरंत विश्वनाथ
पेट्रोनास टीवीएस रेसिंग टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले चिरंत विश्वनाथ भारतीय मोटरस्पोर्ट्स जगत का जाना-माना नाम बन चुके हैं। उनकी सफलता की कहानी के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- वे मोटेगी रेसट्रैक पर जीत हासिल करने वाले इतिहास के पहले भारतीय राइडर हैं।
- राष्ट्रीय स्तर पर वे इंडियन नेशनल मोटरसाइकिल रेसिंग चैंपियनशिप की प्रो-स्टॉक 301-400cc और 165cc कैटेगरी में अपना लोहा मनवा चुके हैं।
- वे अपनी असाधारण गति और दबाव के बीच शानदार वापसी करने की क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं।
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