उत्तराखंड में इन दिनों प्री-मॉनसून की बौछारें जमकर पड़ रही हैं, जिसके चलते प्रदेश में कभी तेज धूप तो कभी अचानक झमाझम बारिश का सिलसिला देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने आज यानी 04 जून 2026 के लिए राज्य के कई हिस्सों में मौसम के बेहद खराब रहने का अनुमान जताया है। देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय राज्य में पश्चिमी विक्षोभ पूरी तरह सक्रिय है और यही वजह है कि मॉनसून आने से पहले ही प्रदेश में उम्मीद से कहीं ज्यादा बारिश दर्ज की जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार इस साल प्री-मॉनसून सीजन में सामान्य से करीब 27 प्रतिशत ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। केरल में मॉनसून ने अभी पूरी तरह दस्तक नहीं दी है, इसलिए उत्तराखंड में मुख्य मॉनसून की शुरुआत 20 जून के आसपास होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि उससे पहले 4, 5 और 6 जून को राज्य के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भारी बारिश तथा आंधी-तूफान का दौर बना रहेगा।
पांच जिलों में ओलावृष्टि और भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आज उत्तराखंड के पांच प्रमुख जनपदों उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून और टिहरी में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तेज ओलावृष्टि और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए लोगों और तीर्थयात्रियों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी गई है। राज्य के ऊंचे पर्वतीय इलाकों, खासकर 4200 से 4400 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर हल्की बर्फबारी होने की पूरी संभावना भी जताई गई है।
मैदानी इलाकों के लिए भी विभाग का 'वाच' जारी है। विभाग के अनुसार आज मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं। इस दौरान कुछ इलाकों में बारिश के बेहद तीव्र दौर भी देखने को मिल सकते हैं, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी।
देहरादून और मसूरी में बादलों का डेरा
राजधानी देहरादून और आसपास के पर्यटन स्थलों जैसे मसूरी तथा चकराता में आज आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग के मुताबिक देहरादून में आज हल्की से मध्यम बारिश, बिजली कड़कने और करीब 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। पिछले कुछ दिनों में जॉलीग्रांट में 24.5 मिमी और हाथीबड़कला में 54 मिमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।
आज शहर का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। ठंडी हवाओं के चलते चिलचिलाती गर्मी से राहत बनी रहेगी।
हरिद्वार और रूड़की में गर्मी से राहत
मैदानी क्षेत्र के प्रमुख शहरों हरिद्वार और रूड़की में भी मौसम का मिजाज बदला-बदला नजर आ रहा है। पिछले 24 घंटों में रूड़की में राज्य का सबसे अधिक तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक मैदानी इलाकों के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है, हालांकि इसके बाद के दिनों में पारा 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।
हरिद्वार और आसपास के मैदानी इलाकों में आज गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे फिलहाल हीटवेव यानी लू का कोई खतरा नहीं रहेगा।
नैनीताल, अल्मोड़ा और कुमाऊं में सुहावना मौसम
कुमाऊं मंडल के प्रमुख पर्यटन केंद्रों नैनीताल, अल्मोड़ा, रानीखेत और पिथौरागढ़ में मौसम बेहद सुहावना और ठंडा बना हुआ है। पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम दर्ज किया जा रहा है। रानीचौरी (टिहरी गढ़वाल) में न्यूनतम तापमान सबसे कम 11.1 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है, जिससे वहां रात के समय अच्छी-खासी ठंड महसूस की जा रही है।
बागेश्वर और पिथौरागढ़ के अनेक स्थानों पर आज हल्की से मध्यम वर्षा और ओले गिरने की संभावना है। रानीखेत, द्वाराहाट और कोसीकुटोली जैसे इलाकों में रुक-रुक कर हो रही प्री-मॉनसून की बारिश ने पर्यटकों के चेहरे खिला दिए हैं।
चारधाम यात्रियों के लिए विशेष सावधानी
केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा पर आए श्रद्धालुओं के लिए मौसम विभाग ने विशेष सावधानी बरतने को कहा है। उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जनपदों में आज तेज बारिश के साथ-साथ तीव्र आंधी और बिजली गिरने की प्रबल आशंका है। मोरी, पुरोला, बड़कोट, जोशीमठ और उखीमठ जैसे पहाड़ी इलाकों में मौसम के लगातार खराब रहने की उम्मीद है। ऊंचाई वाले पर्वतीय शिखरों पर हल्की बर्फबारी होने से तापमान में भारी गिरावट आ सकती है। प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आ रहे तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की सटीक जानकारी लेने के बाद ही अपने यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ें।
आज किन जिलों में अलर्ट है
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज 4 जून को उत्तराखंड के पांच प्रमुख पहाड़ी जनपदों देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग और चमोली में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तेज ओलावृष्टि और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
क्या मैदानी जिलों में लू चलेगी
नहीं, आज मैदानी जिलों में लू चलने की कोई आशंका नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मैदानी इलाकों में 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, जो बढ़कर 60 किमी/घंटा तक हो सकती है। इससे तापमान नियंत्रित रहेगा और रूड़की तथा हरिद्वार जैसे शहरों को गर्मी से राहत मिलेगी।
मुख्य मॉनसून कब आएगा
उत्तराखंड में इस समय हो रही झमाझम बारिश प्री-मॉनसून शॉवर और पश्चिमी विक्षोभ के असर के कारण है, जो इस बार सामान्य से 27 प्रतिशत ज्यादा रिकॉर्ड की गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक चूंकि अभी केरल में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है, इसलिए उत्तराखंड में मुख्य मॉनसून का आगमन 20 जून के आसपास होने का अनुमान है।
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