पांवटा साहिब के जंगलों में बाघ की पुष्टि
हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब इलाके में रॉयल बंगाल टाइगर की मौजूदगी से हड़कंप मचा हुआ है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 18 जून को खारा ब्लॉक में लगाए गए एक ट्रैप कैमरे में बाघ की हरकतें रिकॉर्ड हुई हैं। पेड़ों पर मिले पंजों के निशान इस बात की पुष्टि करते हैं कि यह वन्यजीव पिछले दो-तीन दिनों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय है।
राजाजी नेशनल पार्क से कनेक्शन की आशंका
अधिकारियों का मानना है कि यह वही बाघ हो सकता है जो करीब एक साल पहले उत्तराखंड के राजाजी नेशनल पार्क से लापता हो गया था। खारा क्षेत्र राजाजी नेशनल पार्क से लगभग 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिसके चलते वन्यजीवों का एक राज्य से दूसरे राज्य में विचरण करना संभव माना जा रहा है। हिमाचल और उत्तराखंड के वन अधिकारी मिलकर इस मामले की निगरानी कर रहे हैं।
सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम
बाघ की पहचान और गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए वन विभाग ने इलाके में कैमरा ट्रैप की संख्या बढ़ा दी है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह नर बाघ है या मादा। राजाजी नेशनल पार्क के प्रशासन को भी इस बारे में सूचित कर दिया गया है और उनकी टीम जल्द ही स्थिति का आकलन करने के लिए मौके का दौरा करेगी। स्थानीय गद्दी चरवाहों को विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी गई है और वन विभाग द्वारा ग्रामीणों के साथ बैठकें कर उन्हें दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में हिम तेंदुए की वापसी
एक तरफ जहां पांवटा साहिब में बाघ की हलचल है, वहीं दूसरी ओर कुल्लू जिले के ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क से भी अच्छी खबर सामने आई है। यहां करीब छह साल के लंबे अंतराल के बाद एक कैमरा ट्रैप में हिम तेंदुआ रिकॉर्ड हुआ है। यह तेंदुआ समुद्र तल से 3,000 से 3,500 मीटर की ऊंचाई पर देखा गया है, जिसे वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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