कल का मौसम: आसमान में सक्रिय हुआ बड़ा डिप्रेशन, यूपी-बिहार सहित 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 19 अगस्त के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक मानसून अपना विकराल रूप दिखाएगा और करीब 20 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

मानसून का रौद्र रूप और IMD की चेतावनी

देश भर में मानसून का मिजाज एक बार फिर से बेहद आक्रामक नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 19 अगस्त के लिए बड़ा पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें झारखंड के ऊपर बने एक गहरे डिप्रेशन को देश के कई राज्यों के लिए खतरा बताया गया है। यह मौसमी सिस्टम पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की दिशा में आगे बढ़ रहा है और अगले 24 घंटों के भीतर इसके लो प्रेशर एरिया में तब्दील होने की संभावना है। हालांकि, सिस्टम के कमजोर पड़ने के बावजूद बारिश का कहर कम नहीं होगा। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक, मानसून की सक्रियता के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

उत्तर प्रदेश में भारी से अत्यंत भारी बारिश का संकट

मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश को लेकर सबसे अधिक चिंता जताई है। 19 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यह स्थिति 18 से 23 अगस्त तक बनी रह सकती है। केवल पूर्वी हिस्सा ही नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश के साथ-साथ गरज और चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। स्थानीय प्रशासन को जलभराव और यातायात के बाधित होने जैसी स्थितियों से निपटने के लिए सतर्क कर दिया गया है। निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

राजधानी दिल्ली का मौसम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 19 अगस्त को आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। IMD के अनुसार, सुबह से लेकर दोपहर के बीच राजधानी के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। इसके बाद, शाम और रात के समय भी हल्की बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। हालांकि यह बारिश बहुत ज्यादा नहीं होगी, लेकिन बार-बार मौसम के बदलने से दिन भर उमस और ठंडी हवाओं का मिश्रण बना रहेगा। मानसून ट्रफ और सक्रिय प्रणालियों के असर से दिल्ली वासियों को बाहर निकलते समय मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए।

उत्तराखंड और पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा

पहाड़ी राज्यों, विशेष रूप से उत्तराखंड के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। 19 अगस्त को यहां भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, और यह दौर 24 अगस्त तक जारी रह सकता है। पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने और सड़कों के बाधित होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है, इसलिए यात्रियों और स्थानीय लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है।

बिहार और झारखंड पर डिप्रेशन का सीधा असर

झारखंड के ऊपर स्थित डिप्रेशन 18 अगस्त की सुबह लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा था। मौसम विभाग का मानना है कि यह सिस्टम झारखंड और बिहार के ऊपर से गुजरते हुए अगले एक दिन में निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगा। झारखंड में 19 अगस्त को भी कई जगहों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है, जबकि 18 अगस्त को वहां अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट पहले ही जारी किया जा चुका है। बिहार में भी 19 अगस्त को बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। बिहार में यह बारिश 21 से 23 अगस्त तक जारी रह सकती है, जिससे जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता

मध्य प्रदेश में भी मानसून का जोर कम नहीं होने वाला है। 19 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी अच्छी बारिश के आसार हैं। गरज और चमक के साथ तेज हवाओं का यह दौर 22 अगस्त तक बने रहने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में भी बारिश का जोर रहेगा और विदर्भ के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। नदी-नालों में पानी का स्तर बढ़ने के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति

पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसून जमकर बरसेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। वहीं गंगीय पश्चिम बंगाल में भी वर्षा का दौर जारी रहेगा। ओडिशा में 22 से 24 अगस्त के बीच भारी बारिश की आशंका अधिक है। बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में समुद्र की स्थिति 19 अगस्त की सुबह तक खराब रहने के आसार हैं। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिसके कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज के साथ बारिश का अलर्ट है।

दक्षिण और पश्चिमी भारत का हाल

दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक में व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के विभिन्न हिस्सों में भी बादल बरसेंगे। तटीय कर्नाटक और केरल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु और पुडुचेरी में गरज के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। पश्चिमी भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में भारी बारिश का क्रम जारी रहेगा। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी बारिश होने के साथ-साथ तेज गरज के साथ बिजली कड़कने की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जिससे मानसून के पूरे देश में सक्रिय होने का स्पष्ट संकेत मिलता है।

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