NEET री-एग्जाम 2026: फिजिक्स के पेच और केमिस्ट्री में समय की चुनौती, छात्रों को कट-ऑफ बढ़ने की चिंता

NEET री-एग्जाम 2026 संपन्न हो चुका है। परीक्षा देकर निकले छात्रों का कहना है कि बायोलॉजी जहां आसान थी, वहीं फिजिक्स के सवालों ने काफी उलझाया और केमिस्ट्री में समय की कमी महसूस हुई।

परीक्षा का स्तर और छात्रों की राय

नीट परीक्षा के दोबारा आयोजन के बाद जब छात्र परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले, तो उन्होंने पेपर के पैटर्न को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित इस परीक्षा को लेकर छात्रों का मानना है कि पेपर का स्तर औसत से थोड़ा कम था, हालांकि कठिन विषयों ने पसीने छुड़ा दिए। छात्रों ने स्पष्ट कहा कि इस बार परीक्षा का कट-ऑफ हाई जाने की पूरी उम्मीद है।

विषयवार विश्लेषण

परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों ने विषयों के आधार पर अपने अनुभव साझा किए:

  • फिजिक्स: छात्रों के लिए सबसे बड़ी चुनौती भौतिक विज्ञान ही साबित हुआ। प्रश्न काफी पेचीदा थे, जिन्होंने छात्रों का काफी समय खराब किया और दिमाग को उलझाए रखा।
  • बायोलॉजी: यह विषय छात्रों के लिए सबसे राहत भरा रहा। अधिकांश विद्यार्थियों ने बताया कि जीव विज्ञान के सवाल काफी सरल थे और उन्हें हल करने में कोई खास मशक्कत नहीं करनी पड़ी।
  • केमिस्ट्री: रसायन विज्ञान में छात्रों को समय प्रबंधन की समस्या का सामना करना पड़ा। विषय सामान्य होने के बावजूद सवालों की प्रकृति ऐसी थी कि उन्हें सुलझाने में काफी वक्त लग गया।

कट-ऑफ बढ़ने के आसार

परीक्षा में शामिल हुए आदित्य सिंह और अंतरा दुबे जैसे छात्रों ने बताया कि पेपर का स्तर बहुत कठिन नहीं था, जो छात्र अच्छी तैयारी के साथ गए थे, उनके लिए अधिकांश प्रश्न जाने-पहचाने थे। हालांकि कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि पाठ्यक्रम से बाहर के भी कुछ सवाल पूछे गए थे, लेकिन इसके बावजूद वे अच्छे अंकों की उम्मीद कर रहे हैं। परीक्षा की तैयारियों और पेपर के औसत स्तर को देखते हुए अब यह चर्चा तेज हो गई है कि इस साल नीट का कट-ऑफ पिछले अनुमानों से ज्यादा रहने की संभावना है।

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