सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना राहुल गांधी का जवाब
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक 'आस्क मी एनिथिंग' सत्र का आयोजन किया था। इस सेशन के दौरान उन्होंने कई विषयों पर खुलकर बातचीत की और युवाओं के सवालों के जवाब दिए। इस चर्चा के दौरान एक ऐसा सवाल सामने आया जिसने राजनीतिक गलियारों में सबको हैरान कर दिया। जब उनसे पूछा गया कि उनका पसंदीदा बीजेपी नेता कौन है, तो राहुल गांधी ने बिना किसी हिचकिचाहट के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम लिया। उन्होंने बेहद आत्मीयता के साथ उन्हें 'अंकल अमरिंदर' कहकर संबोधित किया। यह बयान इसलिए भी काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि कैप्टन अमरिंदर सिंह लंबे समय तक कांग्रेस का हिस्सा रहे थे, लेकिन बाद में कड़वाहट के साथ पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे।
गांधी परिवार और पटियाला राजघराने का पुराना इतिहास
राहुल गांधी का कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रति यह सम्मान कोई नई बात नहीं है, क्योंकि इसके पीछे दशकों पुराना एक गहरा रिश्ता है। इन दोनों परिवारों के बीच के संबंधों को समझने के लिए कुछ अहम पहलुओं पर गौर करना जरूरी है:
- राजीव गांधी के साथ दोस्ती: कैप्टन अमरिंदर सिंह और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बीच बहुत ही गहरी दोस्ती थी। दोनों ने साथ में देहरादून के प्रसिद्ध दून स्कूल में पढ़ाई की थी। उनकी यह दोस्ती उम्र भर कायम रही।
- राजनीति में पदार्पण: कैप्टन अमरिंदर सिंह को सक्रिय राजनीति में लाने का श्रेय काफी हद तक राजीव गांधी को ही जाता है। राजीव गांधी के आग्रह पर ही कैप्टन ने राजनीतिक सफर की शुरुआत की और 1980 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने।
- पारिवारिक जुड़ाव: राहुल गांधी के बचपन से ही कैप्टन अमरिंदर सिंह उनके घर में एक वरिष्ठ और विश्वसनीय सदस्य की तरह रहे हैं। राहुल उन्हें पारिवारिक सदस्य के रूप में देखते आए हैं, और यही कारण है कि आज भी राजनीतिक मतभेद होने के बावजूद वे उनके प्रति सम्मान का भाव रखते हैं।
पंजाब की राजनीति में आया बड़ा बदलाव
हालांकि व्यक्तिगत संबंध बहुत मजबूत थे, लेकिन 2021 के दौरान पंजाब की राजनीति ने एक नया मोड़ लिया जिसने कांग्रेस और कैप्टन के रिश्तों में बड़ी दरार पैदा कर दी:
- मुख्यमंत्री पद से विदाई: सितंबर 2021 में पंजाब कांग्रेस में चल रही खींचतान और आंतरिक कलह के बीच कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। उस समय राज्य के भीतर नवजोत सिंह सिद्धू के साथ उनका टकराव चरम पर था।
- अपमान का दर्द: इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी नेतृत्व ने उनके साथ जो व्यवहार किया, उससे उन्हें काफी अपमानित महसूस हुआ। उन्होंने सीधे तौर पर गांधी परिवार पर अपने अनदेखी के आरोप लगाए थे।
- बीजेपी का दामन थामना: कांग्रेस से अलग होने के बाद उन्होंने अपनी एक अलग पार्टी 'पंजाब लोक कांग्रेस' का गठन किया था, लेकिन बाद में सितंबर 2022 में उन्होंने अपनी पार्टी का विलय भारतीय जनता पार्टी में कर लिया।
राजनीतिक मायने और राहुल गांधी का संदेश
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी का यह जवाब महज एक नाम लेना नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई गहरे संकेत छिपे हैं। पहला, यह दिखाता है कि राहुल गांधी वैचारिक मतभेदों और राजनीतिक कटुता को अपने व्यक्तिगत रिश्तों पर हावी नहीं होने देना चाहते। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आज भी पुराने पारिवारिक संबंधों का पूरा सम्मान करते हैं। दूसरा, Gen-Z और युवाओं के साथ संवाद करते हुए राहुल गांधी ने खुद को एक ऐसे नेता के रूप में पेश किया है जो राजनीतिक कड़वाहट से ऊपर उठकर बात कर सकता है। तीसरा, यह अतीत की घटनाओं को स्वीकार करने का भी एक तरीका है। जिस नेता की कांग्रेस से विदाई विवादों में घिरी थी, उन्हीं का नाम लेना यह दर्शाता है कि राहुल गांधी अतीत को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।
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