सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस घटना को लेकर शीर्ष अदालत में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं। जानकारी के अनुसार, इन याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में 22 जून को सुनवाई हो सकती है।
याचिकाओं में क्या मांग की गई है
इस पूरे मामले को लेकर वकील नरेंद्र मिश्रा और वकील विशाल तिवारी ने याचिकाएं दाखिल की हैं। वकील नरेंद्र मिश्रा ने इस संबंध में सीजेआई सूर्यकांत को एक लेटर पिटीशन भेजी है। इन याचिकाओं के माध्यम से कोर्ट से निम्नलिखित मांगें की गई हैं:
- इस मामले में अदालत द्वारा स्वतः संज्ञान लिया जाए।
- पूरी घटना की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए।
- एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए।
- घटना के समय मौके पर मौजूद अधिकारियों पर भी कानूनी कार्रवाई हो।
- बिहार सरकार से इस मामले में जवाब तलब किया जाए।
परिजनों के आरोप
याचिकाकर्ताओं की ओर से दी गई जानकारी में स्पष्ट किया गया है कि मृतक भरत तिवारी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं था। परिजनों का यह भी दावा है कि पुलिस द्वारा की गई यह पूरी कार्रवाई गैरकानूनी है। अब सभी की निगाहें 22 जून को होने वाली संभावित सुनवाई पर टिकी हैं, जिसमें यह तय होगा कि अदालत इस मामले में आगे क्या रुख अपनाती है।
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