एक्टिंग की दुनिया में अपनी जगह बनाना आसान नहीं होता। हर साल न जाने कितने लोग सपने लेकर इंडस्ट्री में कदम रखते हैं और फिर गुमनामी में लौट जाते हैं। मगर कुछ कलाकार ऐसे भी होते हैं जो किसी भी हाल में हार नहीं मानते। ऐसे ही एक संघर्षशील एक्टर की कहानी आज चर्चा में है, जिसने महज एक वेब सीरीज से ऐसा कमाल किया कि देखते ही देखते स्टार बन गए।
15 साल के इंतजार के बाद मिला पहला लीड रोल
यह बात एक बेहद प्रतिभाशाली अभिनेता की है, जिसने अपनी डेब्यू फिल्म के लिए पूरे 15 साल का लंबा इंतजार किया। किसी तरह जब फिल्म रिलीज हुई, तो वह तीसरे ही दिन सिनेमाघरों से हटा दी गई। हालांकि बाद में यही फिल्म कल्ट क्लासिक साबित हुई।
हम बात कर रहे हैं जाने-माने अभिनेता अविनाश तिवारी की। आज वह बॉलीवुड के बेहतरीन और टैलेंटेड कलाकारों में गिने जाते हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए उन्हें खूब संघर्ष करना पड़ा। 15 साल तक मौके का इंतजार करने के बाद उन्हें पहली बार लीड रोल मिला, मगर किस्मत ने तब साथ नहीं दिया।
जिस फिल्म से उन्हें अपनी पहचान बनाने की सबसे ज्यादा उम्मीद थी, वही फिल्म महज तीन दिन बाद सिनेमाघरों से हटा दी गई। हाल ही में उन्होंने अपने उन पुराने दिनों को याद किया और कई अहम बातें साझा कीं।
पढ़ाई के लिए गए न्यूयॉर्क
हाल में दिए एक इंटरव्यू में अविनाश तिवारी ने अपने संघर्ष के दिनों के बारे में खुलकर बात की। उनके मुताबिक उनका परिवार पढ़ाई-लिखाई को बहुत महत्व देता था, इसी वजह से उन्होंने एक्टिंग को कभी पेशेवर करियर के रूप में नहीं देखा। एक्टिंग की पढ़ाई के लिए वह न्यूयॉर्क तक गए, क्योंकि उन्हें लगता था कि डिग्री हासिल करने के बाद काम पाना मुश्किल नहीं रहेगा।
साल 2007 में जब वह भारत लौटे तो उन्हें उम्मीद थी कि पढ़ाई पूरी करने के बाद इंडस्ट्री उनका दिल खोलकर स्वागत करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि उस दौर में वह अपनी तस्वीरें या पोर्टफोलियो किसी स्टूडियो में छोड़ना पसंद नहीं करते थे, क्योंकि उन्हें डर रहता था कि कहीं लोग उनकी फोटो कूड़ेदान में न फेंक दें।
लैला मजनू से मिला बड़ा मौका
कई बार रिजेक्शन झेलने के बाद उन्हें डायरेक्टर साजिद अली की फिल्म 'लैला मजनू' में लीड रोल निभाने का मौका मिला। इस फिल्म में उनके अपोजिट तृप्ति डिमरी नजर आई थीं। इस किरदार के लिए अविनाश ने पूरे 3 साल तैयारी की, मगर फिल्म कुछ खास नहीं चल पाई।
इस फिल्म को पाने से पहले उन्होंने 15 साल तक इंतजार किया था, लेकिन रिलीज के महज तीन दिन बाद ही यह सिनेमाघरों से हटा दी गई। हालांकि बाद में जब यह ओटीटी पर आई, तो दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब रही और कल्ट क्लासिक बन गई।
एक सीरीज ने रातोंरात बना दिया स्टार
हालांकि असली पहचान मिलना अविनाश तिवारी के लिए तब भी बाकी था। इस फिल्म से कहीं बड़ी शोहरत उन्हें पॉपुलर वेब सीरीज 'खाकीः द बिहार चैप्टर' से मिली। इसमें चंदन महतो का किरदार निभाकर वह रातोंरात स्टार बन गए। आज उनकी गिनती बॉलीवुड के बेहतरीन और प्रतिभाशाली अभिनेताओं में होती है।
https://hindi.news18.com/photogallery/entertainment/bollywood-avinash-tiwary-waited-15-years-for-lead-role-film-removed-from-theatres-in-3-days-khaakee-the-bihar-chapter-made-him-star-overnight-ws-l-10537448.html