Gripen की बढ़ती मांग और Rafale को मिल रहे झटके, जानें क्या है पूरा मुकाबला

अंतरराष्ट्रीय बाजार में Gripen ने अपनी कम लागत के दम पर 340 फाइटर जेट्स के ऑर्डर हासिल कर लिए हैं, जबकि Rafale को कई देशों के साथ डील में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

Rafale और Gripen के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा

वैश्विक डिफेंस बाजार में इस समय दो शक्तिशाली फाइटर जेट्स, Rafale और Gripen के बीच कड़ी टक्कर देखी जा रही है। भारत अपनी वायु सेना के लिए 114 नए जेट्स खरीदने की योजना पर काम कर रहा है और इसे लेकर फ्रांस के साथ बातचीत अंतिम चरण में है। भारतीय वायु सेना के पास अभी 36 Rafale विमान हैं, जबकि नौसेना ने 26 मरीन Rafale का ऑर्डर दिया है।

Rafale के सामने खड़ी चुनौतियां

हालांकि Rafale को दुनिया का बेहतरीन 4.5+ पीढ़ी का लड़ाकू विमान माना जाता है, लेकिन इसे हाल ही में कई देशों से झटके लगे हैं। इसके मुख्य कारण कीमत और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर से जुड़े विवाद हैं।

  • Indonesia: देश ने 42 Rafale की डील की थी, लेकिन अब अतिरिक्त जेट्स खरीदने के बजाय चीनी J-10C जेट्स पर जोर दिया जा रहा है।
  • UAE: फ्रांस के साथ 80 Rafale जेट्स की डील के बावजूद, F-5 वर्जन के डेवलपमेंट से हटने के कारण संबंधों में खटास आई है।
  • Saudi Arabia: देश अभी भी बातचीत कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
  • Iraq: भविष्य में 14 Rafale जेट्स खरीदने की योजना पर विचार कर रहा है।

Gripen क्यों बन रहा है पहली पसंद

स्वीडन की कंपनी Saab द्वारा निर्मित Gripen एक किफायती 4.5 पीढ़ी का फाइटर जेट है। इसकी लागत और संचालन खर्च इसे Rafale का एक मजबूत विकल्प बनाते हैं।

  • ऑपरेटिंग कॉस्ट: Rafale का प्रति फ्लाइट ऑवर खर्च 16,000 से 20,000 डॉलर है, जबकि Gripen पर यह महज 4,000 से 4,500 डॉलर आता है।
  • खरीद लागत: एक Rafale की कीमत करीब 120 मिलियन डॉलर है, वहीं Gripen लगभग 80 मिलियन डॉलर में उपलब्ध है।
  • क्षमता: Rafale ट्विन इंजन जेट है और 9.5 टन हथियार ले जा सकता है। Gripen सिंगल इंजन जेट है, जो छोटे रनवे से भी उड़ान भरने में सक्षम है।

बाजार की वर्तमान स्थिति

अब तक दुनिया भर में 300 Rafale और 280 Gripen जेट्स डिलीवर किए जा चुके हैं। यूक्रेन भी भविष्य में 100-150 Gripen खरीदने की योजना पर काम कर रहा है। कम मेंटेनेंस और बेहतर ऑपरेटिंग लागत के कारण कई देश अब Gripen की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिसने कुल मिलाकर 340 फाइटर जेट्स के ऑर्डर हासिल कर लिए हैं।

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