हरियाणा के गुरुग्राम जिले के अंतर्गत आने वाले सोहना क्षेत्र से सरकारी कर्मचारियों पर हमले और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है। सोहना स्थित बिजली विभाग के 33 केवी कार्यालय में कुछ दबंगों ने घुसकर न केवल जमकर हंगामा किया, बल्कि वहां मौजूद कनिष्ठ अभियंता (जेई) और अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की। इस हमले के बाद पूरे कार्यालय में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
एसडीओ से मुलाकात के दौरान बिगड़ा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना उस समय शुरू हुई जब गांगुली गांव का रहने वाला एक व्यक्ति, जिसकी पहचान वीरेंद्र के रूप में हुई है, अपने बेटे और कुछ अन्य साथियों के साथ कार्यालय पहुंचा था। बताया जा रहा है कि वह किसी निजी काम के सिलसिले में उपमंडल अधिकारी (एसडीओ) से मिलने के लिए बिजली विभाग के दफ्तर आया था।
वहां मौजूद कर्मचारियों के मुताबिक, बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस इतनी बढ़ गई कि बात पूरी तरह बिगड़ गई। इसके बाद आरोपी पक्ष के लोगों ने वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते उन पर हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले से दफ्तर के अंदर मौजूद कर्मचारियों को संभलने का मौका भी नहीं मिला।
कार्यालय में तोड़फोड़ और दहशत का माहौल
बिजली विभाग के कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि हंगामा कर रहे आरोपियों ने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि कार्यालय में रखी सरकारी संपत्तियों को भी निशाना बनाया। आरोपियों ने गुस्से में आकर दफ्तर में रखे कंप्यूटर और उसके साथ जुड़े प्रिंटर को उठाकर पटक दिया, जिससे वे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा, टेबल पर रखी कई महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें भी फाड़ दी गईं।
इस अचानक और हिंसक हमले की वजह से दफ्तर में काम कर रहे अन्य कर्मचारियों के बीच भारी दहशत फैल गई। अपनी जान बचाने के लिए कर्मचारी इधर-उधर भागने लगे। घटना के बाद कार्यालय का पूरा माहौल तनावपूर्ण हो गया और सरकारी कामकाज भी पूरी तरह से ठप हो गया।
पुलिस में शिकायत और कर्मचारियों का विरोध
घटना की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता (जेई) सुमित ने इस संबंध में स्थानीय सिटी थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। अपनी शिकायत में उन्होंने मुख्य आरोपी की पहचान गांगुली गांव निवासी वीरेंद्र के रूप में की है, जो अपने बेटे और अन्य अज्ञात साथियों के साथ वहां आया था।
विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि एक सरकारी कार्यालय में घुसकर इस तरह से गुंडागर्दी करना, सरकारी कर्मचारियों पर हाथ उठाना और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना एक बेहद गंभीर अपराध है। इससे न केवल सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि आम जनता से जुड़े आवश्यक सरकारी काम भी प्रभावित होते हैं।
इस वारदात को लेकर बिजली विभाग के सभी कर्मचारियों में भारी आक्रोश और रोष व्याप्त है। कर्मचारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी दफ्तर में घुसकर इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके। पुलिस अधिकारियों ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस अब मौके पर हुई तोड़फोड़, मारपीट और अन्य आरोपों की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
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