सात लाख का सोलर ट्री प्रोजेक्ट सिर्फ 2.80 लाख में, काजरी की तकनीक पर सरकार दे रही 60% तक सब्सिडी

राजस्थान के पाली स्थित कृषि विज्ञान केंद्र ने ऐसी सोलर ट्री तकनीक विकसित की है जिससे खेती प्रभावित हुए बिना सौर ऊर्जा बनाई जा सकती है। कुसुम योजना के तहत 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलने से किसान कम लागत में बिजली बनाकर सिंचाई और अतिरिक्त आय दोनों हासिल कर सकते हैं।

सोलर पैनल से बिजली तैयार करना अब कोई नई बात नहीं रही, लेकिन राजस्थान के पाली स्थित कृषि विज्ञान केंद्र ने इस तकनीक को जिस अनोखे अंदाज में पेश किया है, वह देश के किसानों की किस्मत बदल सकता है। अक्सर किसानों की शिकायत रहती है कि खेत में सोलर पैनल लगाने से कीमती जमीन घिर जाती है और नीचे की फसलों तक धूप नहीं पहुंच पाती। इसी समस्या का हल निकालते हुए काजरी ने एक ऐसा ‘सोलर ट्री’ यानी सौर ऊर्जा का पेड़ तैयार किया है, जो ऊपर बिजली बनाएगा और नीचे फसलें सामान्य रूप से लहलहाती रहेंगी।

किसानों के मन में अक्सर यह उलझन रहती है कि उनके खेत के लिए कितने किलोवॉट का सोलर पैनल उपयुक्त रहेगा, उस पर कितनी लागत आएगी और सरकारी सब्सिडी के बाद उन्हें अपनी जेब से कितना खर्च करना होगा, ताकि वे कम लागत में अपने खेत में बिजली खुद पैदा कर सकें।

दो सोलर ट्री से 6 किलोवाट बिजली

काजरी के वैज्ञानिक डॉ. चंदन कुमार के अनुसार, दो सोलर ट्री मिलकर 6 किलोवाट बिजली की आपूर्ति का काम करते हैं और इन पर 7 से 8 लाख रुपये के बीच खर्च आता है। अगर अकेले एक ट्री की बात करें तो उसकी लागत 3 से साढ़े तीन लाख रुपये तक आती है। इस पर सरकार की सब्सिडी भी मिलती है। कुसुम योजना के तहत किसान लाभान्वित हो सकते हैं और इसमें 60 प्रतिशत तक की सरकारी सब्सिडी मिल जाती है।

कुसुम योजना से किसानों को क्या लाभ

कुसुम योजना को तीन हिस्सों में बांटा गया है। कम्पोनेंट-ए के तहत किसान अपनी बंजर या अनुपयोगी भूमि पर 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक का सोलर प्लांट लगा सकते हैं और उत्पादित बिजली डिस्कॉम को बेचकर आय कमा सकते हैं। कम्पोनेंट-बी में ऑफ-ग्रिड इलाकों के किसानों को सोलर कृषि पंप उपलब्ध कराए जाते हैं। वहीं कम्पोनेंट-सी के तहत पहले से बिजली कनेक्शन वाले कृषि पंपों का सोलराइजेशन किया जाता है, जिससे किसान अपनी जरूरत से ज्यादा बिजली ग्रिड में बेच सकते हैं।

सोलर पंप पर कितनी मिलती है सब्सिडी

कुसुम योजना के अंतर्गत कृषि सोलर पंपों पर आमतौर पर 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है, जिसमें 30 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 30 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करती है। कई राज्यों में बची हुई राशि के लिए बैंक ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे किसान पर पड़ने वाला सीधा आर्थिक बोझ काफी घट जाता है। कुछ मामलों में किसान को कुल लागत का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा ही खुद वहन करना पड़ता है।

बिजली बिल से राहत और अतिरिक्त कमाई

कम्पोनेंट-सी के तहत जिन किसानों के पास पहले से ग्रिड से जुड़े कृषि पंप हैं, वे अपने पंपों का सोलराइजेशन करवा सकते हैं। इससे दिन के समय सिंचाई में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होगा और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर किसान अलग से आय भी अर्जित कर सकेंगे।

एक सोलर ट्री पर कितना खर्च आएगा

मान लीजिए किसी किसान को अपने खेत में सोलर ट्री लगाना है। यदि एक सोलर ट्री की कुल लागत करीब 3.50 लाख रुपये है और उस पर 60 प्रतिशत अनुदान मिलता है, तो सरकार की ओर से लगभग 2.10 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। ऐसी स्थिति में किसान को केवल 1.40 लाख रुपये का निवेश खुद करना होगा।

दो सोलर ट्री लगाने पर खर्च

अगर किसान अपने खेत में दो सोलर ट्री लगाता है, तो कुल लागत लगभग 7 लाख रुपये आएगी। 60 प्रतिशत अनुदान के बाद करीब 4.20 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी और किसान का वास्तविक खर्च लगभग 2.80 लाख रुपये ही रह जाएगा।

6 किलोवाट के दो सोलर ट्री के लिए कितनी जगह

यदि किसान दो सोलर ट्री लगाता है और प्रत्येक ट्री में 335 वाट क्षमता के 9 सोलर पैनल लगे हों, तो दोनों ट्री की कुल स्थापित क्षमता करीब 6 किलोवाट होगी। इस तकनीक की खासियत यह है कि पैनल ऊंचाई पर लगाए जाते हैं, जिससे जमीन का बहुत कम हिस्सा घिरता है और नीचे खेती का काम भी चलता रहता है। आमतौर पर 6 किलोवाट क्षमता वाले दो सोलर ट्री के लिए लगभग 150 से 250 वर्गमीटर यानी 1600 से 2700 वर्गफीट भूमि पर्याप्त मानी जाती है।

आय की संभावना

राजस्थान के ज्यादातर इलाकों में इतनी जगह एक बीघा जमीन के छोटे हिस्से में आसानी से उपलब्ध हो जाती है। इस तरह किसान अपनी कृषि गतिविधियों को प्रभावित किए बिना सौर ऊर्जा का उत्पादन कर सकता है। 6 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम प्रतिदिन औसतन 24 से 30 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है। किसान इसका उपयोग अपनी जरूरत के अनुसार सिंचाई में कर सकता है और यदि योजना के प्रावधान लागू हों तो अतिरिक्त बिजली ग्रिड में बेचकर अलग से कमाई भी कर सकता है।

https://hindi.news18.com/news/agriculture/the-government-is-offering-a-bumper-subsidy-on-solar-tree-local18-10537743.html