मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली है। इस दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली सरकार और प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं। मरने वालों में 12 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं और फरार चल रहे होटल मालिक लवकेश बजाज को साकेत इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया है।
दिल्ली सरकार का सीलिंग और इंस्पेक्शन प्लान
मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जॉइंट कमिटी का गठन किया गया है, जिसमें डीएम, एमसीडी, दिल्ली पुलिस और पावर डिपार्टमेंट के अधिकारी शामिल हैं। यह टीम कल से पूरी दिल्ली में अवैध संपत्तियों का सघन इंस्पेक्शन शुरू करेगी। अकेले मालवीय नगर में ऐसी अठारह संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है, जिन पर जल्द ही सीलिंग की बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर कहा कि इस घटना तक पहुंचाने वाली लापरवाहियों की पूरी गंभीरता से जांच होगी और जहां भी जवाबदेही बनती है, वहां उसे तय किया जाएगा। सरकार ने पूरे शहर में अवैध गेस्ट हाउसों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का ऐलान किया है। अग्नि सुरक्षा मानकों और भवन उपनियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को तुरंत सील किया जाएगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आखिर इतना बड़ा हादसा कैसे हुआ?
फ्लोरिश स्टे होटल एक संकरी पांच मंजिला इमारत में संचालित हो रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस होटल की वैध क्षमता केवल छह कमरों की थी, लेकिन बेसमेंट मिलाकर यहां लगभग पच्चीस कमरे अवैध रूप से चलाए जा रहे थे। इमारत में आने-जाने का सिर्फ एक ही रास्ता था, खिड़कियां पूरी तरह पैक थीं और मुख्य दरवाजा सेंसर से खुलता था। आग लगते ही धुएं और गर्मी ने पूरी बिल्डिंग को मौत के कुएं में बदल दिया। अग्निशमन विभाग से इस इमारत को कोई फायर एनओसी नहीं मिली थी।
हादसे में जान गंवाने वाले नौ भारतीय कौन थे?
पुलिस के ताजा अपडेट के अनुसार इस भीषण अग्निकांड में कुल 49 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया था, जिनमें से इलाज के दौरान 21 घायलों की मौत हो गई। मरने वालों में 12 विदेशी और 9 भारतीय नागरिक शामिल हैं। जान गंवाने वाले भारतीयों में श्रुतिका बरनवाल का नाम सामने आया है। इसके अलावा एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत हुई है।
इस परिवार में तर्जनी अग्रवाल और वार्या अग्रवाल उर्फ पर्ल, झवेरी अग्रवाल और विवेक अग्रवाल, अशोक अग्रवाल और कमला अग्रवाल तथा प्रेम लता अग्रवाल और जीविशा अग्रवाल शामिल हैं। आठ मरीजों को इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि बाकी घायलों का अब भी इलाज जारी है।
किन धाराओं में हुई होटल मालिक की गिरफ्तारी?
दिल्ली पुलिस ने घटना के तुरंत बाद एक्शन लेते हुए लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। पुलिस की बीस टीमें इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही हैं। मुख्य आरोपी लवकेश बजाज को साकेत इलाके से गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसकी पत्नी की भी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। पुलिस ने मालवीय नगर थाने में गैर इरादतन हत्या समेत बीएनएस की कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
होटल चलाने वाले तीन पार्टनर दिल्ली में कई और गेस्ट हाउस भी संचालित करते हैं। पर्यटन विभाग से यह लाइसेंस जय मिश्रा के नाम पर जारी हुआ था। लवकेश बजाज का संबंध कंस्ट्रक्शन के काम से जुड़ी एक कंपनी से भी बताया जा रहा है। हादसे के समय बेसमेंट का शटर खोलने के लिए रेस्क्यू टीमों को कटर का इस्तेमाल करना पड़ा।
बेड एंड ब्रेकफास्ट सिस्टम और लाइसेंस की सच्चाई
दिल्ली में सात सौ दो संपत्तियों को बेड एंड ब्रेकफास्ट सिस्टम के तहत लाइसेंस दिए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक ये सभी लाइसेंस मौजूदा सरकार के कार्यकाल में जारी हुए हैं। फ्लोरिश स्टे को तीन मई 2024 को लाइसेंस मिला था, जो 2027 तक वैध था।
इस हादसे में घायल हुए पैंतीस लोगों में से उन्नीस की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। मैक्स अस्पताल और एम्स ट्रॉमा सेंटर में घायलों का इलाज लगातार जारी है। मैक्स अस्पताल के अनुसार अट्ठारह लोगों को मृत अवस्था में लाया गया था, जबकि पंद्रह मरीजों को आईसीयू में भर्ती किया गया, जिनमें से आठ वेंटिलेटर पर हैं। एम्स ट्रॉमा सेंटर में तेरह मरीजों को लाया गया था, जिनमें दस दिल्ली पुलिस के वे जवान थे जो रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घायल हुए।
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