मध्य प्रदेश की सियासत में जब-जब जनता से जुड़े नेताओं की चर्चा होती है, पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम सबसे ऊपर आता है। अपने सहज स्वभाव, लगातार जनसंपर्क और लंबे राजनीतिक अनुभव के बल पर उन्होंने न सिर्फ राज्य बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी अलग छाप छोड़ी है। एक सामान्य किसान परिवार से निकलकर मुख्यमंत्री और फिर केंद्र में मंत्री बनने तक का उनका रास्ता संघर्ष और परिश्रम की मिसाल माना जाता है।
गांव से शुरू हुआ सफर
शिवराज सिंह चौहान का जन्म 5 मार्च 1959 को मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में हुआ था। ग्रामीण माहौल में पले-बढ़े शिवराज ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव में ही पूरी की। छात्र जीवन से ही उनका रुझान सामाजिक और राजनीतिक कामों की ओर रहा और वह जल्द ही छात्र संगठन की गतिविधियों से जुड़ गए।
2005 में संभाली मुख्यमंत्री की कुर्सी
राजनीति में उनकी शुरुआत भारतीय जनता पार्टी के संगठन से हुई। वह युवा मोर्चा में सक्रिय रहे और 1991 में पहली बार बुधनी विधानसभा से विधायक चुने गए। इसके बाद वह कई बार विदिशा से लोकसभा पहुंचे और संसद में जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाते रहे। साल 2000 में वह भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष बने और नवंबर 2005 में पहली बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर पहुंचे।
2018 में छोड़नी पड़ी थी सत्ता
इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने साल 2008 और साल 2013 के विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत हासिल की और मुख्यमंत्री की कमान शिवराज के पास ही रही। हालांकि साल 2018 के चुनाव में कांग्रेस को ज्यादा सीटें मिलीं और उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा। उस समय कांग्रेस के कमलनाथ राज्य के मुख्यमंत्री बने।
15 साल से ज्यादा रहे पद पर
इसके बाद साल 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से बगावत कर दी और एमपी के कई विधायक बीजेपी में शामिल हो गए, जिससे प्रदेश में फिर भाजपा की सरकार बनी। मुख्यमंत्री की कुर्सी एक बार फिर शिवराज को मिली। साल 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी को प्रचंड बहुमत दिलाया, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री मोहन यादव बने।
शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता हैं। वह कुल 16 साल 283 दिन इस पद पर रहे। वह राज्य के एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं, जो 15 साल से अधिक समय तक मुख्यमंत्री बने रहे।
अब केंद्र में निभा रहे जिम्मेदारी
इसके बाद बीजेपी ने उन्हें साल 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ाया और वह जीतकर संसद पहुंचे। राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी गई और वह केंद्र सरकार में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री बने। उन्हें ऐसे नेता के तौर पर देखा जाता है, जिन्होंने गांव की पृष्ठभूमि से निकलकर प्रदेश और देश की राजनीति में मजबूत मुकाम बनाया।
https://hindi.news18.com/news/madhya-pradesh/bhopal-shivraj-singh-chouhan-longest-serving-cm-of-madhya-pradesh-now-cabinet-minister-local18-10537824.html