नौतपा की तपती गर्मी के बीच खरीफ फसल की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं। जानकारों का मानना है कि अगर अभी से खेतों की सही तैयारी, मिट्टी की उर्वरता और पानी की बचत पर ध्यान दिया जाए तो आने वाले समय में बेहतर पैदावार मिलती है।
नौतपा में जुताई के फायदे
अंबाला के कृषि विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र सिंह का कहना है कि नौतपा के दौरान खेतों की जुताई करना किसानों के लिए बहुत लाभदायक साबित होता है। तेज धूप और ऊंचे तापमान की वजह से खेतों में मौजूद खरपतवार, कीट-पतंगे और उनके अंडे अपने आप नष्ट हो जाते हैं। इसका सीधा फायदा यह होता है कि आगे चलकर फसल को कम नुकसान झेलना पड़ता है।
खाद के संतुलित उपयोग पर जोर
डॉ. राजेंद्र ने बताया कि भारत सरकार की ओर से “खेती बचाओ अभियान” चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत किसानों को खाद और उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
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