महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा पर बसा प्रकृति का अनमोल नगीना, पथलहवा घाट पर मिलेगी मन को शांति

भारत-नेपाल सीमा से सटे महराजगंज जिले में कई मनोरम पर्यटन स्थल मौजूद हैं जो शहरी भागदौड़ से थके लोगों को सुकून और प्राकृतिक सौंदर्य प्रदान करते हैं। इनमें पथलहवा घाट एक उभरते हुए प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में अपनी अलग पहचान बना रहा है।

सीमावर्ती महराजगंज में छुपा है प्रकृति का खजाना

महराजगंज जिले का एक विशाल भू-भाग भारत और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में फैला हुआ है। निचलौल इलाके में स्थित इंडो-नेपाल बॉर्डर के आसपास जिले की बड़ी आबादी अपना जीवन यापन करती है। इन सरहदी क्षेत्रों में ऐसे अनेक रमणीय स्थान हैं, जो पर्यटन के लिहाज से खासे आकर्षक और दर्शनीय माने जाते हैं।

शहरी कोलाहल से दूर, सुकून की तलाश में यहां आते हैं पर्यटक

शहर की भीड़-भाड़ और शोरगुल से उकताए लोग इन सीमावर्ती क्षेत्रों की ओर रुख करते हैं। यहां पहुंचकर उन्हें एक ऐसा शांत और सहज वातावरण मिलता है, जहां वे प्रकृति की गोद में बैठकर चैन की सांस ले सकते हैं और कुछ पल खुद के साथ बिता सकते हैं।

पथलहवा घाट: जिले के अंतिम छोर पर प्रकृति का अनुपम उपहार

महराजगंज जिले की सीमा के आखिरी छोर पर स्थित पथलहवा घाट इस क्षेत्र का एक उल्लेखनीय पर्यटन स्थल है। चारों ओर फैली हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता से आच्छादित यह घाट अब एक महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। यहां का नैसर्गिक नजारा हर आने वाले के मन को मोह लेता है।

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