ईरान और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक डील संभव, दोनों राष्ट्रपति कर सकते हैं हस्ताक्षर

ईरानी विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते पर दोनों देशों के राष्ट्रपति स्तर पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। ट्रंप ने भी डील जल्द साइन होने का भरोसा जताया है।

Iran US Deal: दशकों तक तनावपूर्ण रहे रिश्तों के बाद अब ईरान और अमेरिका के संबंधों में एक नई शुरुआत होती दिख सकती है। इसका इशारा खुद ईरानी विदेश मंत्रालय की ओर से दिया गया है। मंत्रालय का संकेत है कि दोनों देशों के बीच संभावित समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन अपने हस्ताक्षर कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो इसे दोनों मुल्कों के रिश्तों के लिहाज से एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जाएगा।

कूटनीतिक कोशिशों से करीब आते दोनों देश

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सरकारी टेलीविजन से बातचीत में यह संकेत दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक प्रयासों के नतीजे के तौर पर ऐसा समझौता संभव हो सकता है, जिस पर दोनों राष्ट्राध्यक्षों के स्तर पर हस्ताक्षर किए जाएं।

चार दशक पुरानी तल्खी हो सकती है कम

माना जा रहा है कि इस तरह का हस्ताक्षर समारोह केवल एक औपचारिकता भर नहीं रहेगा, बल्कि यह 4 दशक से अधिक समय से चली आ रही तनातनी को घटाने की दिशा में एक अहम कदम बन सकता है। गौरतलब है कि 1980 से अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं। तेहरान में स्थित अमेरिकी दूतावास में हुए बंधक संकट के बाद दोनों देशों के राजनयिक रिश्ते टूट गए थे। तभी से दोनों के बीच संबंध लगातार उतार-चढ़ाव और टकराव से भरे रहे हैं।

परमाणु हथियार न रखने पर ईरान राजी- ट्रंप

एक ओर जहां ईरान समझौते पर हस्ताक्षर के संकेत दे रहा है, वहीं दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रंप का ताजा बयान भी सामने आया है। ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ जो समझौता हुआ है, उस पर जल्द ही हस्ताक्षर हो जाएंगे। उनके अनुसार ईरान डील करना चाहता है और उसका रवैया भी काफी ठीक रहा है। ट्रंप ने सबसे अहम बात यह बताई कि ईरान इस पर सहमत हो गया है कि वह न तो परमाणु हथियार बनाएगा और न ही उसे हासिल करेगा।

ट्रंप की इजरायल को सलाह

ट्रंप ने आगे कहा कि उन्होंने इसकी एक प्रति इजरायल को भी भेजी है। उन्होंने इजरायल को अपना अच्छा साथी बताते हुए कहा कि उनके मुताबिक हिज्बुल्लाह के मामले में इजरायल और बेहतर कर सकता है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे यह नहीं कह रहे कि इजरायल को अपना बचाव नहीं करना चाहिए, बल्कि उनका कहना सिर्फ इतना है कि बेरूत में इमारतें गिराने की जरूरत नहीं है।

https://www.indiatv.in/world/asia/iran-us-deal-could-be-signed-by-donald-trump-and-masoud-pezeshkian-foreign-ministry-hints-2026-06-17-1225792