इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस ने कबाड़ कारोबारी के एक कर्मचारी से करीब 30 लाख रुपये की लूट की गुत्थी सुलझा ली है। बुधवार, 17 जून 2026 को इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि वारदात में इनकी संलिप्तता के पुख्ता आधार मिलने पर इन्हें पकड़ा गया। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, गिरोह के एक सदस्य ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश से हुए घाटे और उस पर चढ़े कर्ज के चलते लूट की पूरी साजिश रची थी।
लूट के मामले में तीन गिरफ्तार
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि 11 जून की रात पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में कबाड़ कारोबारी के कर्मचारी मुकुल अग्रवाल (22) के साथ मारपीट कर 29 लाख 65 हजार रुपये नकद से भरा बैग छीन लिया गया था। उन्होंने बताया कि अग्रवाल विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों से भुगतान के रूप में जमा हुई नकदी लेकर दोपहिया वाहन से जा रहे थे, तभी यह वारदात हुई। आयुक्त के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में चंद्रशेखर मुकाती उर्फ चंदू (43), प्रवीण भंडारी (37) और अमर उर्फ भांजा (42) शामिल हैं।
कर्ज से उबरने के लिए रची साजिश
संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मुकाती और भंडारी कुछ समय पहले गोवा के एक शोरूम में एक साथ काम कर चुके हैं। पुलिस आयुक्त के मुताबिक, इस वारदात की साजिश मुकाती ने ही रची थी। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर हुए घाटे और कर्ज के बोझ से निकलने के लिए उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई।
आयुक्त ने आगे बताया कि पुलिस ने लूटी गई रकम में से 22 हजार 60 लाख रुपये नकद और इसी रकम से खरीदी गई एक कार आरोपियों के कब्जे से बरामद की है। उन्होंने कहा कि जांच में ऐसे सुराग भी मिले हैं कि लूट की रकम का एक हिस्सा जेवरात और कपड़े खरीदने में खर्च किया गया।
दो लोग हिरासत में, जांच जारी
पुलिस आयुक्त ने बताया कि आरोपियों की मदद करने वाले दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है और मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
https://www.indiatv.in/madhya-pradesh/30-lakh-robbery-following-losses-in-cryptocurrency-investment-indore-police-arrest-3-accused-2026-06-17-1225785