मध्य प्रदेश के राघौगढ़ इलाके में हमेशा से दिग्विजय सिंह और उनके परिवार की पकड़ मजबूत मानी जाती रही है। इसी क्षेत्र में दिग्विजय सिंह के बेटे और विधायक जयवर्धन सिंह के स्वागत का एक पोस्टर लगा था, जिसे देखकर उनके चाचा लक्ष्मण सिंह बेहद नाराज नजर आए। उन्होंने यह पोस्टर लगवाने वाले नेताओं को सरेआम फटकार लगाई।
आखिर किस बात पर भड़के लक्ष्मण सिंह
मध्य प्रदेश की राजनीति में ‘राघौगढ़ के किले’ और दिग्विजय सिंह के परिवार की एकजुटता की मिसालें अक्सर दी जाती रही हैं, लेकिन अब इसी राजपरिवार की अंदरूनी कलह खुलकर सड़क पर आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई और पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह अपने ही भतीजे, राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह, के स्वागत में लगे होर्डिंग और पोस्टर देखकर भड़क उठे।
लक्ष्मण सिंह ने खुले तौर पर दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह के पक्के समर्थक माने जाने वाले नगरपालिका अध्यक्ष और जनपद अध्यक्ष के पति को जमकर खरी-खोटी सुनाई।
विवाद की जड़ — टैंकर एरिया के पास लगा होर्डिंग
पूरा मामला राघौगढ़ के गैल-विजयपुर पार्किंग (टैंकर एरिया) के पास लगाए गए एक बड़े होर्डिंग से शुरू हुआ। यह पोस्टर नगर पालिका अध्यक्ष विजय कुमार साहू और जनपद अध्यक्ष प्रज्ञा मीणा के पति चंद्रमोहन मीणा की ओर से लगाया गया था।
इस होर्डिंग पर लिखा था — ‘श्री राघौजी की पावन नगरी राघौगढ़ में स्वागत वंदन अभिनंदन। विकास और विश्वास एक ही नाम, राघौगढ़ की आन-बान और शान विधायक जयवर्धन सिंह जी’। यही संदेश शायद लक्ष्मण सिंह को बिल्कुल रास नहीं आया। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर कल यहां ड्रग्स पकड़ी गई, तो बदनामी उनके परिवार की होगी।
‘ड्रग्स पकड़ी गई तो परिवार बदनाम होगा’
टैंकर एरिया के सामने खड़े होकर लक्ष्मण सिंह ने अपने ही परिवार के समर्थकों पर तीखे शब्दबाण छोड़े। उन्होंने कहा कि वे इस वक्त टैंकर एरिया के सामने खड़े हैं, जहां उनके परिवार के सदस्यों की तस्वीरों के साथ स्वागत का एक बोर्ड लगाया गया है, जिसमें नगरपालिका अध्यक्ष और जनपद अध्यक्ष के पति की फोटो है।
उन्होंने कहा कि पूरे इलाके को मालूम है कि इस टैंकर एरिया में पहले कई बार ड्रग्स पकड़ी जा चुकी है। यह बोर्ड शहर में कहीं और नहीं, बल्कि इसी बदनाम जगह पर लगाया गया है। उन्होंने आगाह किया कि अगर कल को यहां फिर से ड्रग्स पकड़ी गई, तो उनके परिवार की बदनामी होगी।
नेताओं को नसीहत देते हुए लक्ष्मण सिंह ने सवाल उठाया कि नगरपालिका अध्यक्ष या जनपद अध्यक्ष ने आखिर क्षेत्र में कौन से अच्छे काम किए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कुछ किया है तो अपने विकास कार्यों का पोस्टर लगाएं।
हमारे परिवार ने बहुत कठिन मेहनत करके, खून-पसीना बहाकर यहां अपना जनाधार बनाया है। इस जनाधार को कुछ चुनिंदा लोग अपने स्वार्थ के लिए बिगाड़ना चाहते हैं। ईश्वर की कृपा से हमारे परिवार को किसी प्रचार या पोस्टर की जरूरत नहीं है, हम किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। कृपया हमारे परिवार की आड़ में अपना उल्लू सीधा करना बंद करें और इस पोस्टर को तुरंत हटाएं।
महायज्ञ में भी नहीं दिखे लक्ष्मण सिंह
कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ लंबे समय तक मुखर रहने के बाद लक्ष्मण सिंह ने पिछले वर्षों में पार्टी से किनारा कर लिया था। तभी से उनके बड़े भाई दिग्विजय सिंह और भतीजे जयवर्धन सिंह के साथ मतभेदों की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में चलती रही हैं, लेकिन यह पहला मौका है जब यह टकराव इस तरह सार्वजनिक रूप से सामने आया है।
हाल ही में ग्राम भैंसाना में हुए एक विशाल महायज्ञ के दौरान भी ये दूरियां साफ झलकीं। महायज्ञ के पहले और समापन वाले दिन जब दिग्विजय सिंह वहां मौजूद थे, तब उनके छोटे भाई लक्ष्मण सिंह नदारद रहे। लक्ष्मण सिंह तय कार्यक्रम से एक दिन पहले अकेले ही भैंसाना पहुंचे थे, जबकि उनकी पत्नी ने इस धार्मिक आयोजन से पूरी तरह दूरी बनाए रखी।
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