एटीएम तो आपने कई बार देखे होंगे, लेकिन यह वाला सबसे जुदा है। आकार में भले ही छोटा हो, पर काम में किसी बड़े एटीएम से कम नहीं। इसे बनाने वाले विजय सारदी मूल रूप से हैदराबाद के रहने वाले हैं और इन दिनों नोएडा में रहते हैं। यह पोर्टेबल मिनी एटीएम न सिर्फ पैसे निकालने की सुविधा देता है, बल्कि इसे रखने वाले को कमाई का साधन भी उपलब्ध कराता है।
किसने और कैसे बनाया यह मिनी एटीएम
विजय सारदी ने कंप्यूटर साइंस से बीएससी की है। उन्होंने जो उपकरण तैयार किया है, उसे वे स्मार्ट मिनी एटीएम कहते हैं। उनका कहना है कि यह मिनी एटीएम शहरी, अर्ध शहरी और ग्रामीण, तीनों तरह के इलाकों के लिए कारगर है।
उन्होंने बताया कि गांव-देहात में लोगों को लेनदेन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आमतौर पर ग्रामीण इलाकों में पैसे निकालने के लिए लोगों को बैंक की शाखा तक जाना पड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखकर इस आइडिया पर काम किया गया।
आधार नंबर से होगा लेनदेन
इस मिनी एटीएम के जरिए किसी भी बैंक का ट्रांजेक्शन किया जा सकता है। उपयोगकर्ता अकाउंट नंबर और आधार नंबर, दोनों के माध्यम से इसमें राशि जमा कर सकते हैं और क्रेडिट भी कर सकते हैं। पैसे निकालने और जमा करने के लिए एटीएम कार्ड, पासबुक, क्यूआर कोड और आधार, इन सभी विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
चोरी होना नामुमकिन
विजय सारदी के मुताबिक, अगर कोई चाहे तो इसे अपनी दुकान में रखकर इससे आमदनी कर सकता है। सुरक्षा के लिहाज से इसमें दो ताले लगे हैं, एक सामान्य लॉक और दूसरा डिजिटल लॉक।
उन्होंने बताया कि इसके चोरी होने की गुंजाइश नहीं है, क्योंकि चालू करने से पहले कंपनी इसे उसी दुकानदार के नाम से ऑनबोर्ड करेगी जो इसका इस्तेमाल करेगा। अगर कोई इसे चुराने की कोशिश करता है तो तय लोकेशन से बाहर जाते ही मशीन अपने आप बंद हो जाएगी और पुलिस को कॉल चली जाएगी।
जीरो मेंटेनेंस और बीमा की सुविधा
इस मिनी एटीएम में जीरो मेंटेनेंस की सुविधा है। इस प्रोजेक्ट के तहत दुकानदार को बीमा भी दिया जाएगा। इसका बैटरी बैकअप 2 घंटे का है। विजय सारदी का दावा है कि यह उपकरण शहरी, ग्रामीण और अर्ध शहरी, तीनों जगहों पर सफल साबित हुआ है।
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