सीकर: 20 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा अत्याधुनिक राजकीय आयुर्वेद कॉलेज, जल्द नए परिसर में होगा स्थानांतरण

सीकर के नेहरू पार्क इलाके के पास करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे राजकीय आयुर्वेद कॉलेज भवन का निर्माण अंतिम दौर में है। 50 बेड का आयुर्वेद अस्पताल पहले ही नए परिसर में शुरू हो चुका है और जल्द कॉलेज भी यहीं संचालित होगा।

सीकर शहर के नेहरू पार्क क्षेत्र के पास करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय आयुर्वेद कॉलेज का नया भवन आकार ले रहा है। निर्माण का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है और इस समय चारदीवारी तथा फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में चल रहा है। आने वाले कुछ महीनों में भवन के बनकर तैयार होने की उम्मीद है, जिसके बाद कॉलेज को नए परिसर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

अस्पताल पहले ही नए भवन में शिफ्ट

कॉलेज परिसर के पास संचालित 50 बेड के आयुर्वेद अस्पताल को करीब डेढ़ माह पहले ही नए भवन में स्थानांतरित किया जा चुका है। यहां मरीजों को आधुनिक सुविधाओं के साथ आयुर्वेदिक उपचार दिया जा रहा है। अस्पताल में पंचकर्म, क्षारसूत्र, शालाक्य तंत्र तथा स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग संचालित हैं। इसके साथ ही योग प्रशिक्षण के लिए अलग हॉल की व्यवस्था की गई है।

मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुरुष और महिला रोगियों के लिए अलग-अलग वार्ड बनाए गए हैं। इसके अलावा पंचकर्म कक्ष, ऑपरेशन थिएटर, रिकवरी रूम और परामर्श की सुविधाएं भी मौजूद हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सा के साथ-साथ मरीजों को होम्योपैथी और यूनानी पद्धति से इलाज की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। साथ ही नशा मुक्ति के लिए एक विशेष परामर्श केंद्र की भी व्यवस्था की गई है।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा कॉलेज

नए आयुर्वेद कॉलेज भवन में विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। परिसर में एक विशाल ऑडिटोरियम तैयार किया गया है, जिसमें एक साथ करीब एक हजार विद्यार्थी बैठ सकेंगे। इसके अलावा अलग-अलग विषयों के लिए पृथक प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं, जिससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ वहीं अभ्यास करने का अवसर भी मिलेगा।

एक ही परिसर में चलेंगे कॉलेज और अस्पताल

फिलहाल आयुर्वेद कॉलेज चंदपुरा गांव स्थित किराए के भवन में संचालित हो रहा है, जहां विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध है। नए भवन में स्थानांतरण के बाद कॉलेज और अस्पताल एक ही परिसर में संचालित होंगे, जिससे विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रायोगिक प्रशिक्षण दोनों में लाभ मिलेगा। खासकर बीएएमएस के छात्रों को अस्पताल में सीधे प्रशिक्षण लेने और मरीजों के उपचार से जुड़ा अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा।

2022 में शुरू हुआ था संचालन

उल्लेखनीय है कि आयुर्वेद कॉलेज का संचालन वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। यहां बीएएमएस के साथ-साथ योग एवं नेचुरोपैथी की पढ़ाई भी कराई जाती है। वर्तमान में बीएएमएस पाठ्यक्रम में 60 सीटें स्वीकृत हैं और कॉलेज में करीब 240 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

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