छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। रेत खनन को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद ने ऐसा खूनी रूप ले लिया कि भाजपा के एक पूर्व नेता समेत तीन लोगों को कथित तौर पर जिंदा जला दिया गया। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने पहले एक फॉर्च्यूनर कार को घेरा और फिर उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया।
कैसे भड़की हिंसा
सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई ग्राम में रेत तस्करी और अवैध खनन को लेकर पनप रहा विवाद आखिरकार खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। आरोप है कि रेत कारोबार से जुड़े कुछ लोगों ने एक फॉर्च्यूनर वाहन में आग लगा दी, जिससे मौके पर एक व्यक्ति की और इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हो गई। दो अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
पुरानी रंजिश बनी वजह
नौगई गांव में रेत खनन को लेकर काफी समय से खींचतान चल रही थी। भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह और मनोज त्रिपाठी के बीच पहले से ही तनातनी थी और इस मामले में पूर्व में थाने तक शिकायत पहुंचने की बात भी सामने आ रही है। आरोप है कि घटना वाली रात विवाद बढ़ने पर मनोज त्रिपाठी और उसके परिवार के कुछ सदस्यों ने रास्ता रोककर फॉर्च्यूनर वाहन को घेर लिया और उसमें आग लगा दी।
आग में फंसे लोगों को नहीं मिला बचने का मौका
उस वक्त वाहन में भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह, उनके भाई और शिक्षक नागेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह तथा एक अन्य व्यक्ति सवार थे। बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि कार में बैठे लोगों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला और वे लपटों में घिर गए। इस हादसे में भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। घायल तीन अन्य लोगों को पहले अंबिकापुर रेफर किया गया और बाद में उनकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेज दिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई।
कौन थे भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह
जानकारी के अनुसार भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह भाजपा के पूर्व नेता थे और जनपद पंचायत अध्यक्ष के पद पर भी रह चुके थे। काफी समय पहले उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी और इसके बाद अवैध रेत खनन के कारोबार से जुड़ गए थे।
नौ आरोपियों पर मामला दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा देर रात कोरिया पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। पुलिस ने इस मामले में नौ नामजद आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है और चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। फिलहाल पूरे प्रकरण की जांच चल रही है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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