कलेक्ट्रेट में वर्दी पहने घूम रहा था फर्जी दरोगा, थाने में ड्यूटी का कर रहा था दावा; लोगों ने सूझबूझ से पकड़वाया

मिर्जापुर में पुलिस की वर्दी पहनकर कलेक्ट्रेट परिसर में घूम रहे एक व्यक्ति को लोगों ने संदिग्ध गतिविधि देखकर पकड़ लिया। आरोपी महिला थाने में ड्यूटी पर आने का दावा कर रहा था, जिसे अदालत ने जेल भेज दिया।

मिर्जापुर में फर्जी दरोगा की गिरफ्तारी: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में बुधवार को एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। यहां पुलिस ने एक ऐसे शख्स को दबोचा, जो खुद को दरोगा बताकर महिला थाने में चार्ज संभालने आने का दावा कर रहा था। कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस की वर्दी पहनकर घूम रहे इस संदिग्ध व्यक्ति की हरकतों पर जब वहां मौजूद लोगों की नजर पड़ी तो उन्होंने उससे सवाल-जवाब करने शुरू कर दिए। संतोषजनक उत्तर न मिलने और संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए लोगों ने शहर कोतवाली पुलिस को बुलाया और उसे उनके हवाले कर दिया।

वर्दी पहनकर खुद को बता रहा था पुलिस अधिकारी

संदिग्ध व्यक्ति वर्दी पहनकर खुद को पुलिस अधिकारी साबित करने की कोशिश में लगा था। सूचना मिलते ही पहुंची शहर कोतवाली पुलिस उसे हिरासत में लेकर थाने ले गई। पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम शिवकुमार पाल बताया और खुद को प्रयागराज का निवासी बताया। उसने यह भी दावा किया कि वह महिला थाने में ड्यूटी के लिए पहुंचा था, लेकिन अपनी नियुक्ति से जुड़ा कोई भी दस्तावेज वह पुलिस के सामने नहीं रख सका। पुलिस अब हर पहलू से इस मामले की पड़ताल कर रही है।

कलेक्ट्रेट परिसर के पास घूमता मिला आरोपी

मिर्जापुर पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, थाना कोतवाली शहर पुलिस को जानकारी मिली थी कि एक व्यक्ति फर्जी दरोगा बनकर थाना कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास चहलकदमी कर रहा है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सपा कार्यालय गेट कचहरी से आरोपी शिवकुमार पाल पुत्र नागेन्द्र पाल, निवासी ग्राम करछना, थाना करछना, जिला प्रयागराज को गिरफ्तार कर लिया।

अदालत ने भेजा जेल

गिरफ्तार आरोपी शिवकुमार पाल के खिलाफ थाना कोतवाली शहर पुलिस ने BNS की धारा 205 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

वर्दी और बातचीत के अंदाज पर हुआ शक

घटना से जुड़े वीडियो में नजर आ रहा है कि फर्जी दरोगा बने इस शख्स की दाढ़ी तक ठीक से नहीं बनी थी और उसके बाल भी अजीब ढंग से कटे हुए थे। इतना ही नहीं, उसके बात करने का तरीका भी किसी पुलिसकर्मी जैसा नहीं लग रहा था। इन्हीं बातों पर लोगों को संदेह हुआ और उन्होंने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

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