नमक के बिना भोजन का स्वाद अधूरा महसूस होता है, लेकिन यह सिर्फ स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं है। हमारे शरीर को हर दिन सोडियम की जरूरत पड़ती है और यह सोडियम मुख्य रूप से नमक से ही मिलता है। सोडियम मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) की रिपोर्ट कहती है कि हर वयस्क को रोजाना 5 ग्राम से ज्यादा नमक नहीं खाना चाहिए। बावजूद इसके, दुनिया भर में ज्यादातर लोग इस तय सीमा से कहीं अधिक नमक का सेवन कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ साफ तौर पर मानते हैं कि जरूरत से अधिक नमक खाना सेहत पर भारी पड़ सकता है। दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अनिल बंसल का कहना है कि अधिकतर लोग यह तो जानते हैं कि ज्यादा नमक हाई ब्लड प्रेशर की वजह बन सकता है, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि यह कई दूसरी बीमारियों को भी न्योता देता है।
छिपे हुए नमक से बढ़ती है रोजाना की खपत
आज के दौर में प्रोसेस्ड फूड, पैकेज्ड स्नैक्स, फास्ट फूड और रेडी-टू-ईट उत्पादों में मौजूद छिपा हुआ नमक हमारी रोजाना की खपत को चुपचाप बढ़ा देता है। इसके कारण शरीर में धीरे-धीरे कई बीमारियां पनपने लगती हैं और इनका पता अक्सर देर से चलता है। यही वजह है कि हर व्यक्ति को नमक से जुड़े नुकसानों के बारे में जानकारी होना जरूरी है।
किडनी पर पड़ता है अतिरिक्त बोझ
डॉक्टर बताते हैं कि किडनी का काम शरीर से अतिरिक्त सोडियम और दूसरे वेस्ट प्रोडक्ट को बाहर निकालना होता है। जब कोई व्यक्ति जरूरत से ज्यादा नमक खाता है तो किडनी को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। लंबे समय तक ऐसा चलता रहे तो किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। जिन लोगों को पहले से किडनी से जुड़ी कोई समस्या है, उन्हें नमक की मात्रा पर खास ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
शरीर में सूजन का संकेत
बहुत अधिक नमक खाने से शरीर में पानी जमा होने लगता है, जिसके चलते हाथ, पैर, टखनों और चेहरे पर सूजन नजर आ सकती है। कई लोगों को सुबह उठते ही चेहरा फूला हुआ लगता है या पैरों में भारीपन महसूस होता है। यह भी हद से ज्यादा नमक खाने का एक संकेत हो सकता है।
हड्डियों की मजबूती पर असर
विशेषज्ञ के मुताबिक जरूरत से ज्यादा सोडियम का सेवन शरीर से कैल्शियम के उत्सर्जन को बढ़ा देता है। यदि लंबे समय तक ऐसा होता रहे तो हड्डियां कमजोर पड़ सकती हैं। हालांकि हड्डियों की सेहत और भी कई कारणों पर निर्भर करती है, फिर भी संतुलित मात्रा में नमक खाना बेहतर माना जाता है।
दिल की बीमारियों का जोखिम
लगातार अधिक नमक खाने से हाई ब्लड प्रेशर बढ़ता है और ब्लड वेसल्स पर दबाव पड़ता है। आगे चलकर यही स्थिति हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ा सकती है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नमक का सेवन तय सीमा के भीतर ही रखा जाए।
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