Rajasthan Politics : बयानबाजी से सुर्खियों में अशोक गहलोत, जानिए क्यों गरमाई राजस्थान की सियासत

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने ताबड़तोड़ बयानों के चलते इन दिनों प्रदेश की राजनीति के केंद्र में हैं, जबकि बीजेपी नेता उन पर सामूहिक रूप से पलटवार कर रहे हैं।

राजनीति का जादूगर कहे जाने वाले राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत इन दिनों प्रदेश की सियासत में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बने हुए हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह उनके लगातार आ रहे बयान हैं, जिन्होंने राज्य का राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।

गहलोत के बयानों से बढ़ी सरगर्मी

गहलोत इन दिनों एक के बाद एक तीखे बयान दे रहे हैं और उनकी इस बयानबाजी के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। दूसरी ओर सत्तारूढ़ बीजेपी भी उन पर सामूहिक रूप से हमलावर है, जिससे पूरे प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। बीजेपी का आरोप है कि गहलोत के पास कोई काम नहीं है, इसलिए वे सुर्खियों में बने रहने के लिए ऊल-जलूल बयान दे रहे हैं।

गहलोत ने क्या-क्या कहा

अशोक गहलोत ने हाल ही में कई बड़े बयान दिए हैं। बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भारत हिन्दू राष्ट्र बन चुका है और बस इसकी औपचारिक घोषणा होना बाकी है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर आज इंदिरा गांधी होतीं तो वे बीजेपी पर प्रतिबंध लगा देतीं।

इसके अलावा गहलोत ने नीट और यूपी पेपर लीक के मुद्दे पर भी कई बयान देते हुए बीजेपी और केन्द्र सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की। नीट पेपर लीक मामले में राहुल गांधी के कोटा दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि इससे बीजेपी घबरा गई है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में टूट और हिन्दू राष्ट्र को लेकर पूछे गए सवाल पर गहलोत ने कहा कि वे बार-बार जो कह रहे हैं कि अगर आज इंदिरा गांधी होतीं तो वे इन पर प्रतिबंध लगा देतीं, उसी बात में इस सवाल का पूरा जवाब छिपा हुआ है, क्योंकि देश में आज जो हालात बन गए हैं उन्हें देखते हुए उन्होंने यह कहा।

बीजेपी का सामूहिक पलटवार

गहलोत के इन बयानों के बाद केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, भजनलाल सरकार के मंत्री जवाहर सिंह बेढम और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने जोरदार जवाबी हमला किया है।

बीजेपी नेताओं का कहना है कि गहलोत महज चर्चा में बने रहने के लिए लगातार गलत बयानबाजी कर रहे हैं और उनके बयानों को खुद कांग्रेस में भी गंभीरता से नहीं लिया जाता। उनका कहना है कि बीजेपी पर पेपर लीक और लोकतंत्र खत्म करने का आरोप लगाने वाले गहलोत पहले अपने कार्यकाल में हुए पेपर लीक मामलों पर जवाब दें। बीजेपी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि गहलोत खुद अपनी कुर्सी बचाने के लिए साजिशें रचते रहे हैं।

इंदिरा गांधी वाले बयान पर घेराबंदी

इंदिरा गांधी से जुड़े बयान पर बीजेपी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गहलोत का वीडियो जारी कर उन्हें कटघरे में खड़ा किया। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस के रग-रग में हिंदुओं के प्रति जहर भरा है और गहलोत के बयान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कांग्रेस की सोच और राजनीति में कोई बदलाव नहीं आया है।

बीजेपी ने तंज कसते हुए कहा कि यह वही कांग्रेस है जिसकी नेता इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की आजादी और नागरिक अधिकारों का हनन किया था।

समाज को बांटने का आरोप

बीजेपी ने सवाल उठाते हुए कहा कि आज भी सवाल वही हैं—क्या राजनीति के लिए कांग्रेस समाज को बांटने का काम कर रही है? क्या वोट बैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस के पास तुष्टिकरण ही एकमात्र सहारा रह गया है?

पार्टी ने कहा कि देश की जनता सब देख रही है और हिंदुओं की आस्था एवं भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले ऐसे बयान कांग्रेस की मानसिकता को उजागर करते हैं, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता।

https://hindi.news18.com/news/rajasthan/jaipur-why-ashok-gehlot-in-spotlight-rajasthan-politics-know-indira-gandhi-and-neet-ug-paper-leak-statements-10579353.html