खंडवा में बनेगा नया बायपास: नाहल्दा से कृषि अनुसंधान केंद्र तक मार्ग मंजूर, महाराष्ट्र की राह होगी आसान

मध्य प्रदेश शासन ने खंडवा में नाहल्दा से कृषि अनुसंधान केंद्र तक 4.80 किलोमीटर लंबे बायपास के निर्माण को मंजूरी दी है, जिस पर करीब 18 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस मार्ग से शहर को जाम से राहत मिलेगी और महाराष्ट्र जाने वाले वाहनों को सीधा रास्ता मिलेगा।

खंडवा शहर में दिनोंदिन बढ़ते यातायात के बोझ और बार-बार लगने वाले जाम के बीच नागरिकों के लिए राहत भरी खबर आई है। मध्य प्रदेश शासन ने नाहल्दा से भंडारिया होते हुए अमरावती रोड पर स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र (बीज केंद्र) तक प्रस्तावित 4.80 किलोमीटर लंबे बायपास मार्ग के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 18 करोड़ रुपए की लागत आएगी, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा।

स्टेट फाइनेंस कमेटी से मिली स्वीकृति

इस बायपास निर्माण को स्टेट फाइनेंस कमेटी (SFC) की बैठक में मंजूरी मिल चुकी है। आगे की प्रक्रिया के तहत निजी जमीनों का भू-अर्जन और वन विभाग की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। ये प्रक्रियाएं पूरी होते ही निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी कर परियोजना को जमीन पर उतारा जाएगा।

अभी क्यों लगता है शहर में जाम

फिलहाल हरसूद रोड से बुरहानपुर और महाराष्ट्र की ओर जाने वाले भारी वाहन शहर के बीचों-बीच से होकर गुजरते हैं। इसी वजह से सिविल लाइन, इंदिरा चौक और माता चौक से लेकर रामनगर तक आए दिन जाम के हालात बनते हैं, जिससे आम नागरिकों को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है।

वाहनों को मिलेगा सीधा और सुगम रास्ता

बायपास तैयार होने के बाद भारी वाहन सीधे इसी नए मार्ग से गुजर जाएंगे और उन्हें शहर के भीतर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा और लोगों को रोजमर्रा के जाम से छुटकारा मिलेगा।

यह नया मार्ग नाहल्दा-भंडारिया कृषि महाविद्यालय (बीज केंद्र) से अमरावती रिंग रोड तक जोड़ा जाएगा। इससे महाराष्ट्र के बुलढाणा, जलगांव और अमरावती जैसे शहरों की ओर जाने वाले वाहनों को सीधा एवं आसान रास्ता मिलेगा। नतीजतन यात्रा का समय घटेगा, ईंधन की बचत होगी और परिवहन व्यवस्था अधिक सहज बनेगी।

विकास को मिलेगी रफ्तार

इस परियोजना की एक खास बात यह है कि यह सिर्फ ट्रैफिक की समस्या तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि खंडवा के समग्र विकास को भी गति देगी। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, माल ढुलाई तेज होगी और निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

मार्ग की प्रमुख विशेषताएं

मार्ग की खूबियों पर नजर डालें तो इसकी कुल लंबाई 4.80 किलोमीटर रहेगी और इसे आधुनिक मानकों के अनुसार बनाया जाएगा। यह बायपास शहर के बाहरी हिस्से से गुजरते हुए वाहनों को सीधे उनके गंतव्य तक पहुंचाने में मदद करेगा, जिससे शहरी क्षेत्र की भीड़भाड़ घटेगी।

नागरिकों में उत्साह

स्थानीय लोगों में इस परियोजना को लेकर उत्साह नजर आ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक सुनील जैन का कहना है कि यह बायपास खंडवा के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे न सिर्फ यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि शहर को विकास की नई रफ्तार भी मिलेगी।

कुल मिलाकर यह बायपास परियोजना खंडवा के बुनियादी ढांचे के विकास में एक अहम कदम साबित होगी। आने वाले समय में यह सड़क शहर को जाम से राहत दिलाने के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक विकास के नए द्वार भी खोलेगी।

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