35 साल बाद देश में मिला दुर्लभ सांप! बीकानेर के रेगिस्तान में दिखा रहस्यमयी 'दोमुंहा' बोआ

राजस्थान के बीकानेर, चूरू और सीकर इलाके में दुर्लभ सिसतान सैंड बोआ सांप की मौजूदगी दर्ज की गई है। वैज्ञानिक अध्ययन के बाद वन्यजीव विशेषज्ञों ने इस विषहीन प्रजाति की पहचान की है।

राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक रोमांचक खबर सामने आई है। बीकानेर, चूरू और सीकर क्षेत्र में दुर्लभ सिसतान सैंड बोआ सांप की मौजूदगी दर्ज की गई है। बीकानेर के जोड़बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व में मिले इस सांप की पहचान वन्यजीव विशेषज्ञों ने गहन वैज्ञानिक अध्ययन के बाद की है।

ईरान से जुड़ा है इतिहास

यह वही प्रजाति है जिसे अब तक ईरान के सिस्तान क्षेत्र से पहचाना जाता रहा है। अब पहली बार इसकी उपस्थिति भारत में भी दर्ज कर ली गई है, जिससे वैज्ञानिक समुदाय में उत्साह का माहौल है।

स्थानीय लोग कहते हैं 'दोमुंहा'

इस सांप को स्थानीय भाषा में लोग 'दोमुंहा सांप' के नाम से जानते हैं। देखने में रहस्यमयी लगने वाला यह सांप पूरी तरह विषहीन होता है, यानी इससे इंसानों को किसी प्रकार का खतरा नहीं होता।

किसानों का दोस्त है यह सांप

खेती-किसानी के लिहाज से भी यह प्रजाति बेहद उपयोगी मानी जाती है। यह सांप फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले चूहों का शिकार करता है, जिससे किसानों को परोक्ष रूप से लाभ मिलता है।

अब होगा संरक्षण पर अध्ययन

वैज्ञानिक अब इस दुर्लभ सांप के संरक्षण और इसके प्राकृतिक आवास को लेकर विस्तृत अध्ययन की तैयारी कर रहे हैं, ताकि इसकी प्रजाति को सुरक्षित रखा जा सके।

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