बिहार में शिक्षकों के तबादले और पदस्थापन को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा रुख अपनाया है। कैमूर जिले में आयोजित सहयोग शिविर कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री ने तल्ख अंदाज में शिक्षकों को आगाह किया कि सरकार उनकी सहूलियतों का पूरा ध्यान रख रही है, मगर बच्चों की पढ़ाई और शिक्षा के स्तर के मामले में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि 'ट्रांसफर जहां कराना है, करा लीजिए, लेकिन पढ़ाना तो पड़ेगा। कोई बहाना नहीं चलेगा।'
अपराधियों पर 48 घंटे में कार्रवाई का भरोसा
मुख्यमंत्री ने राज्य में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सख्त रवैया अपनाने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी ने अपराध किया और बहन-बेटियों के साथ कोई गलत हरकत हुई तो 48 घंटे के भीतर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। मजबूत कानून-व्यवस्था का भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार हर योजना और सेवा को अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है, और इसी कड़ी में लगातार सहयोग शिविर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूरे बिहार में सहयोग शिविर कार्यक्रम के माध्यम से 303678 आवेदनों में से 261628 आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है, जो कुल आवेदनों का 90% है।
मुंडेश्वरी धाम को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की करीब 60 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि मां मुंडेश्वरी धाम को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने तथा धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के मकसद से यहां हेलीपैड और रोप-वे का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के धार्मिक एवं पर्यटन विकास को नई रफ्तार देने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा, ताकि आम जनता को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
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