व्हाइटहेड्स और ब्लैकहेड्स में फर्क: कैसे करें पहचान और बचाव के आसान तरीके

चेहरे पर दिखने वाले छोटे-छोटे सफेद और काले दाने अक्सर लोगों को उलझन में डाल देते हैं। जानिए व्हाइटहेड्स और ब्लैकहेड्स के बीच का अंतर, उनकी पहचान और इनसे बचने के उपाय।

शीशे के सामने खड़े होकर आपने भी कभी न कभी अपने चेहरे पर उभरे इन छोटे-छोटे काले और सफेद दानों को देखकर सोचा होगा कि आखिर ये क्या हैं। दरअसल ये व्हाइटहेड्स और ब्लैकहेड्स होते हैं, जो रोमछिद्रों के बंद हो जाने की वजह से बनते हैं। हालांकि देखने में मिलते-जुलते लगने वाले इन दोनों के बीच काफी अंतर होता है। कई बार लोग इन्हें पहचान नहीं पाते और गलत इलाज शुरू कर देते हैं, जिससे त्वचा से जुड़ी दिक्कतें और बढ़ जाती हैं। इसलिए सबसे पहले इन दोनों के बीच का फर्क समझना बेहद जरूरी है। आगे हम बता रहे हैं कि इन्हें कैसे पहचानें और इनसे बचने के लिए क्या किया जा सकता है।

व्हाइटहेड्स क्या होते हैं?

मेडिकल भाषा में व्हाइटहेड्स को क्लोज्ड कॉमेडोन कहा जाता है। ये त्वचा पर उभरे हुए छोटे, सफेद या हल्के रंग के दाने होते हैं और अगर समय रहते इनका इलाज न किया जाए तो ये बढ़ने लगते हैं। ये तब बनते हैं जब त्वचा के रोमछिद्र जरूरत से ज्यादा सीबम बनाने लगते हैं और डेड स्किन सेल्स के कारण अंदर से बंद हो जाते हैं।

ब्लैकहेड्स क्या होते हैं?

ब्लैकहेड्स असल में मुहांसों का ही एक छोटा रूप हैं, जो त्वचा पर छोटे-छोटे काले दानों की तरह दिखाई देते हैं। मेडिकल भाषा में इन्हें ओपन कॉमेडोन कहा जाता है। ये तब बनते हैं जब हमारी त्वचा के नीचे मौजूद छोटी-छोटी ग्रंथियां, जिन्हें सेबेसियस ग्लैंड्स कहते हैं, नमी देने के लिए सीबम का उत्पादन करती हैं।

व्हाइटहेड्स का इलाज

सैलिसिलिक एसिड: इसे व्हाइटहेड्स से छुटकारा दिलाने में बेहद असरदार माना जाता है। यह रोमछिद्रों के अंदर पहुंचकर वहां जमे तेल और गंदगी को साफ करता है। ऐसे में व्हाइटहेड्स से बचने के लिए सैलिसिलिक एसिड वाले फेस वॉश या सीरम का इस्तेमाल करें।

रेटिनोइड्स: रात के समय रेटिनोल या ट्रेटिनोइन क्रीम लगाने से इस समस्या में राहत मिल सकती है। इसके इस्तेमाल से रोमछिद्र बंद नहीं होते।

नॉन-कॉमेडोजेनिक प्रोडक्ट्स: हमेशा ऐसे मॉइस्चराइज़र और सनस्क्रीन चुनें जिन पर नॉन-कॉमेडोजेनिक लिखा हो। इसका मतलब है कि ये उत्पाद आपके पोर्स को बंद नहीं करेंगे।

ब्लैकहेड्स का इलाज

क्ले मास्क: क्ले चेहरे से अतिरिक्त तेल को सोख लेता है और रोमछिद्रों को बंद होने से रोकता है।

रेटिनॉइड्स: रेटिनॉइड्स रोमछिद्रों को साफ रखकर नए ब्लैकहेड्स बनने से रोकने में मदद करते हैं।

दोनों से कैसे बचा जाए?

अगर आप चाहते हैं कि ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स की समस्या आपको परेशान न करे, तो दिन में दो बार किसी हल्के क्लींजर से चेहरा धोएं और नॉन-कॉमेडोजेनिक स्किनकेयर तथा मेकअप उत्पादों का ही इस्तेमाल करें। रोजाना सनस्क्रीन लगाएं और हफ्ते में एक बार त्वचा को एक्सफोलिएट करने की कोशिश करें। इसके साथ ही एक नियमित स्किनकेयर रूटीन अपनाएं और सोने से पहले मेकअप हटाना कभी न भूलें।

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