5 देशरत्न मार्ग का बंगला मिलते ही गरमाई सियासत, क्या निशांत कुमार बनेंगे बिहार के डिप्टी सीएम?

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को 5 देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी आवास आवंटित किए जाने के बाद राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री आवास के बाद इस बंगले को सत्ता का दूसरा अहम केंद्र माना जाता रहा है, जहां पहले कई उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं।

बिहार की राजनीति इन दिनों एक सरकारी बंगले को लेकर गरमाई हुई है। मुख्यमंत्री आवास के बाद राज्य का सबसे अहम पता माने जाने वाले 5 देशरत्न मार्ग का आवास अब स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को सौंप दिया गया है। इसके बाद से सियासी गलियारों में यह सवाल तैरने लगा है कि क्या आने वाले दिनों में सरकार और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में निशांत कुमार की भूमिका और बड़ी होने वाली है। जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ एक आवास का आवंटन नहीं है, बल्कि इसके कई राजनीतिक संकेत भी निकाले जा रहे हैं।

आखिर क्यों खास है 5 देशरत्न मार्ग?

बिहार की राजनीति में 5 देशरत्न मार्ग का अपना अलग रसूख रहा है। मुख्यमंत्री आवास के बाद इसे लंबे समय से सत्ता के दूसरे बड़े केंद्र की तरह देखा जाता रहा है। खास बात यह है कि बीते कई वर्षों में इस बंगले में ज्यादातर उपमुख्यमंत्री या सरकार के सबसे वरिष्ठ मंत्री ही रहे हैं।

इस आवास में पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, तेजस्वी यादव (दो बार), तारकिशोर प्रसाद और सम्राट चौधरी जैसे नेता रह चुके हैं। यही कारण है कि इस बंगले के आवंटन में हमेशा राजनीतिक संकेत खोजे जाते रहे हैं।

बीजेपी ने क्या कहा?

बीजेपी प्रवक्ता कुंतल कृष्ण का कहना है कि 5 देशरत्न मार्ग का आवास आमतौर पर उपमुख्यमंत्री या किसी वरिष्ठ मंत्री को ही दिया जाता रहा है। उनके अनुसार, इस समय दोनों उपमुख्यमंत्री अपने पहले से आवंटित सरकारी आवास में ही रहना चाहते हैं और उन्होंने सरकार से वहीं बने रहने का अनुरोध किया है। इसी वजह से यह बंगला स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को दे दिया गया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि इस फैसले में किसी तरह का राजनीतिक संदेश तलाशने की जरूरत नहीं है।

फिर सवाल क्यों उठ रहे हैं?

दरअसल, राजनीतिक चर्चाओं की वजह यह है कि निशांत कुमार फिलहाल न तो उपमुख्यमंत्री हैं और न ही सरकार के सबसे वरिष्ठ मंत्रियों में उनका नाम गिना जाता है। इसके बावजूद इतना अहम आवास उन्हें मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि क्या भविष्य में उन्हें सरकार में कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। कुछ लोग इसे संभावित राजनीतिक पदोन्नति के संकेत के तौर पर भी देख रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी की सफाई

इस पूरे मामले पर उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति उपमुख्यमंत्री बनता है तो उसके आवास को उपमुख्यमंत्री का आवास कहा जाने लगता है, लेकिन ऐसा नहीं है कि उस बंगले में सिर्फ उपमुख्यमंत्री ही रह सकते हैं।

उन्होंने बताया कि पहले भी कई मंत्री वहां रह चुके हैं और किसी भी सरकारी आवास को स्थायी रूप से किसी एक पद के लिए आरक्षित नहीं माना जा सकता। उनके मुताबिक, निशांत कुमार को यह आवास मंत्री होने के नाते मिला है और इसे लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए।

जेडीयू में बढ़ता कद भी बना चर्चा का कारण

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस पूरे प्रकरण में एक और पहलू अहम है। जेडीयू के कई नेता सार्वजनिक मंचों से यह कहते रहे हैं कि निशांत कुमार पार्टी का भविष्य हैं और आगे चलकर उनकी भूमिका और बड़ी हो सकती है।

ऐसे में 5 देशरत्न मार्ग जैसा प्रतिष्ठित आवास मिलने के बाद यह चर्चा और जोर पकड़ रही है कि क्या पार्टी और सरकार दोनों में उनके लिए कोई बड़ी भूमिका तैयार की जा रही है।

बंगले की सियासत फिर सुर्खियों में

बिहार में सरकारी आवासों को लेकर राजनीति कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी कई सरकारी बंगलों के आवंटन पर सियासी बहस छिड़ चुकी है। अब 5 देशरत्न मार्ग का आवास एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।

फिलहाल सरकार की ओर से इसे एक सामान्य प्रशासनिक फैसला बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में निशांत कुमार के भविष्य को लेकर अटकलों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। आने वाले दिनों में ये कयास कितने सही साबित होते हैं, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

https://hindi.news18.com/news/bihar/patna-nishant-kumar-5-deshratna-marg-bungalow-political-speculation-for-deputy-cm-local18-10576736.html