ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास 'पिच ब्लैक' (Exercise Pitch Black) एक बार फिर आयोजित होने जा रहा है। यह अभ्यास 20 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक ऑस्ट्रेलिया के नॉर्दर्न टेरिटरी क्षेत्र में चलेगा, जिसमें भारतीय वायुसेना भी हिस्सा लेगी। इस दौरान 19 मित्र एवं साझेदार देशों के 100 से अधिक विमान और सैन्य कर्मी मिलकर अभ्यास करेंगे।
इस तीन सप्ताह लंबे आयोजन का मकसद भाग लेने वाली वायुसेनाओं के बीच आपसी तालमेल को और मजबूत करना तथा क्षेत्रीय व वैश्विक स्तर पर संयुक्त सैन्य संचालन की क्षमता बढ़ाना है। यह रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (RAAF) का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास है, जिसमें दुनिया के सबसे विशाल सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्रों में से एक में तीन सप्ताह तक जटिल और वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में प्रशिक्षण कराया जाता है।
कौन-कौन से देश ले रहे हैं हिस्सा
इस वर्ष ब्रुनेई, कनाडा, फिजी, फिनलैंड, फ्रांस, भारत, इंडोनेशिया, जापान, मलेशिया, न्यूजीलैंड, पापुआ न्यू गिनी, फिलीपींस, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, स्पेन, स्वीडन, थाईलैंड, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका के सैन्यकर्मी इस अभ्यास में भाग लेंगे।
क्या बोले अभ्यास कमांडर
पिच ब्लैक 2026 के अभ्यास कमांडर एयर कमोडोर मैट मैककॉर्मैक के अनुसार, यह आयोजन चुनौतीपूर्ण हालात में हवाई युद्ध संचालन के एकीकरण के जरिए सहयोगी और साझेदार देशों के साथ रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाता है।
एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026 ऑस्ट्रेलिया और पूरे क्षेत्र की तैयारी तथा सामूहिक सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है।
उन्होंने आगे कहा कि जटिल परिस्थितियों में एक साथ प्रशिक्षण लेकर भाग लेने वाले देश अपनी साझा तैयारी और मिलकर काम करने की क्षमता को बेहतर बनाते हैं। उनके मुताबिक यह अभ्यास क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने की सामूहिक प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
हर दो साल में होता है आयोजन
एक्सरसाइज पिच ब्लैक रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स की सबसे महत्वपूर्ण उड़ान गतिविधियों में से एक है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूती देना और विदेशी साझेदारों के साथ तालमेल बिठाकर काम करने की क्षमता को बढ़ाना है। हर दो वर्ष में होने वाला यह अभ्यास बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय विमानों के साथ बड़े पैमाने के हवाई अभियानों पर केंद्रित रहता है।
यह अभ्यास सुनिश्चित करता है कि जरूरत पड़ने पर ऑस्ट्रेलियाई वायुसेना सरकार के निर्देशों के मुताबिक तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहे। साथ ही यह भाग लेने वाले देशों की सुरक्षा तैयारियों को भी मजबूत करता है, ताकि वे किसी भी आपात स्थिति या सैन्य अभियान के लिए तैयार रहें।
'पिच ब्लैक' का इतिहास
ऑस्ट्रेलियाई वायुसेना का नॉर्दर्न टेरिटरी में हवाई अभ्यास कराने का लंबा इतिहास रहा है। इसमें 1960 के दशक में आयोजित हाई-सीरीज़ (High-series) और 1970 के शुरुआती वर्षों की टॉप-सीरीज़ (Top-series) अभ्यास शामिल थे। इनमें से कई अभ्यासों में यूनाइटेड किंगडम की रॉयल एयर फोर्स और रॉयल न्यूज़ीलैंड एयर फोर्स के साथ संयुक्त संचालन भी हुआ।
एक्सरसाइज पिच ब्लैक पहली बार जून 1981 में न्यू साउथ वेल्स स्थित RAAF बेस विलियमटाउन से आयोजित हुआ था। यह तीन दिन का वायु रक्षा अभ्यास था, जिसमें RAAF बेस एम्बरली और रिचमंड से उड़ान भरने वाले विमानों ने 'हमलावर' की भूमिका निभाई थी। जुलाई 1982 में यह अभ्यास फिर उसी स्थान पर हुआ। माना जाता है कि 'पिच ब्लैक' नाम उन शुरुआती अभ्यासों में रात के समय बड़े और कम आबादी वाले इलाकों में उड़ानों पर दिए गए विशेष जोर से जुड़ा हुआ है।
RAAF बेस डार्विन में यह अभ्यास पहली बार 9 से 13 मई 1983 के बीच आयोजित किया गया, जिसमें RAAF के मिराज-III लड़ाकू विमान, F-111C स्ट्राइक जेट और अमेरिकी वायुसेना की भागीदारी रही। 1974 में आए साइक्लोन ट्रेसी के बाद डार्विन में हुआ यह RAAF का पहला बड़ा सैन्य अभ्यास था।
इसके बाद 1986 और 2002 को छोड़कर एक्सरसाइज पिच ब्लैक लगातार नॉर्दर्न टेरिटरी में होता रहा है। 1988 से इसका आयोजन हर दो वर्ष में किया जा रहा है। केवल 2020 में कोविड-19 महामारी के चलते इसे रद्द करना पड़ा था। अपने इतिहास में इस अभ्यास में 20 से अधिक देश ऑस्ट्रेलिया पहुंचकर भाग ले चुके हैं। इनके अलावा दो अंतरराष्ट्रीय समूहों 'नाटो (NATO)' और 'मल्टीनेशनल MRTT यूनिट' ने भी इसमें हिस्सा लिया है।
https://hindi.news18.com/news/nation/iaf-to-participate-in-pitch-black-2026-air-war-game-in-australia-from-july-20-ws-l-10574612.html