सौर ऊर्जा को आज की सबसे स्वच्छ और भविष्य की ऊर्जा माना जाता है। इससे बिजली बनाने में किसी तरह का प्रदूषण नहीं होता और साथ ही पॉवर ग्रिड से मिलने वाली बिजली पर निर्भरता भी घट जाती है। अगर आप अपने घर की छत पर सोलर पैनल सिस्टम लगा लें तो घरेलू जरूरतों के लिए खुद बिजली पैदा कर सकते हैं और उसी ताजा बिजली का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे एक तरह की 'बिजली की आजादी' भी कह सकते हैं और बार-बार बिजली कटने की परेशानी से छुटकारा भी।
सौर ऊर्जा के इन्हीं फायदों को सुनकर बहुत से लोग चाहते हैं कि वे भी अपने घर की बिजली आपूर्ति के मामले में आत्मनिर्भर बन जाएं और सोलर पैनल लगवा लें। लेकिन असली दिक्कत उन लोगों के सामने आती है जो फ्लैट और अपार्टमेंट में रहते हैं, क्योंकि सोलर पैनल आमतौर पर घरों की छत पर ही लगाए जाते हैं। फ्लैट या अपार्टमेंट में न तो अपनी कोई छत होती है और न ही जमीन—ऐसे में सवाल उठता है कि पैनल आखिर कहां और कैसे लगवाएं?
शहरों में बढ़ते फ्लैट, घटती छतें
आज की जीवनशैली पर नजर डालें तो सिर्फ बड़े महानगरों में ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों में भी फ्लैट और अपार्टमेंट की भरमार हो गई है, जबकि छत वाले स्वतंत्र मकानों की संख्या कुछ घट गई है। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या फ्लैट में रहने वाले लोग कभी सोलर सिस्टम नहीं लगवा सकते? क्या उन्हें सौर ऊर्जा से बनी बिजली का लाभ कभी नहीं मिल पाएगा?
एक्सपर्ट की राय
न्यूज18हिंदी की 'सौर ऊर्जा-सोलर पैनल' सीरीज की इस तीसरी कहानी में इन्हीं सवालों के जवाब दे रही हैं काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) की प्रोग्राम लीड भावना त्यागी।
भावना त्यागी कहती हैं, 'जिन लोगों का अपना निजी मकान है या जिनका छत पर पूरा अधिकार है, वे अपने लिए अलग से सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं। लेकिन फ्लैट या बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोग ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि छत पर किसी एक व्यक्ति का हक नहीं होता।'
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