जब महाशक्ति अमेरिका ने तुर्की को F-35 कार्यक्रम से बाहर का रास्ता दिखा दिया, तब पूरी दुनिया मान बैठी थी कि इस नाटो (NATO) सदस्य देश की वायुसेना अब अधूरी रह जाएगी। लेकिन इस अपमान को घूंट की तरह पीकर, बीजिंग और इस्लामाबाद के साथ नजदीकी बढ़ाने वाले इस भारत विरोधी मुल्क ने वह कर दिखाया जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। अपनी जिद और तकनीकी क्षमता के बल पर तुर्की ने खुद का पांचवीं पीढ़ी (5th-Gen) का सुपरसोनिक स्टील्थ लड़ाकू विमान TAI KAAN खड़ा कर दिया है।
F-35 और Su-57 को सीधी टक्कर
तुर्की का सबसे महत्वाकांक्षी रक्षा प्रोजेक्ट TAI KAAN (TF-X) इस समय वैश्विक रक्षा हलकों में चर्चा के केंद्र में है। अमेरिका द्वारा F-35 कार्यक्रम से निकाले जाने को तुर्की ने एक चुनौती की तरह लिया और अपने दम पर पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ विमान विकसित कर लिया।
साल 2024 में पहली उड़ान भरने के बाद, अब वर्ष 2026 में इसके पूर्ण सेंसर-युक्त और परिष्कृत असली फ्लाइट प्रोटोटाइप्स का गहन परीक्षण शुरू हो चुका है। यह सिलसिला इसे 2029-2030 तक सीरियल प्रोडक्शन के करीब ले जाएगा। यह विमान न सिर्फ तुर्की को आत्मनिर्भर बना रहा है, बल्कि अमेरिकी F-35 और रूसी Su-57 के वैश्विक एकाधिकार को भी चुनौती दे रहा है।
ट्विन-इंजन डिजाइन और रणनीतिक अहमियत
रणनीतिक नजरिए से 'KAAN' तुर्की की भू-राजनीतिक संप्रभुता का प्रतीक बन गया है। F-35 से बाहर किए जाने के बाद तुर्की ने अपनी पूरी ऊर्जा स्वदेशीकरण में झोंक दी। इसके ट्विन-इंजन डिजाइन के कारण इसकी गति और थ्रस्ट-टू-वेट रेशियो अमेरिकी F-35 से बेहतर है, जो इसे डॉगफाइट (हवाई लड़ाई) में अधिक आक्रामक बनाता है।
हालांकि इसकी सबसे बड़ी चुनौती अमेरिकी इंजनों पर निर्भरता और इसका भारी-भरकम आकार है। इसके बावजूद, एशिया-पैसिफिक और खाड़ी देशों के उन रक्षा बाजारों में, जहां F-35 पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू हैं, KAAN एक लोकप्रिय और ताकतवर विकल्प के रूप में उभर रहा है।
रेंज, पेलोड और प्रमुख विशेषताएं
मल्टीरोल और एयर-सुपीरियरिटी के लिए डिजाइन किए गए KAAN की तकनीकी क्षमताएं बेहद घातक हैं:
- रेंज: आंतरिक ईंधन टैंकों और ड्रॉप टैंकों के साथ इसकी अधिकतम रेंज 2,000 किलोमीटर से अधिक (करीब 1,100+ नॉटिकल मील) है। इसका कॉम्बैट रेडियस करीब 1,100 किमी है।
- पेलोड क्षमता: इसका मैक्सिमम टेक-ऑफ वेट (MTOW) करीब 30,000 से 34,750 किलोग्राम है। यह बड़ी मात्रा में स्वदेशी क्रूज मिसाइलें, बंकर-बस्टर बम और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें आंतरिक वेपन्स बे तथा बाहरी हार्डपॉइंट्स पर ले जा सकता है।
- रफ्तार और ऊंचाई: यह Mach 1.8 से Mach 2.0 (ध्वनि की गति से दोगुनी रफ्तार) तक उड़ान भर सकता है। इसकी सर्विस सीलिंग 55,000 फीट है।
- इंजन: फिलहाल यह दो अमेरिकी जनरल इलेक्ट्रिक F110-GE-129 टर्बोफैन इंजन (कुल 58,000 पाउंड थ्रस्ट) से लैस है, लेकिन तुर्की इसके लिए अपना स्वदेशी इंजन विकसित कर रहा है।
KAAN के 5 सबसे एडवांस फीचर्स
1. अल्टीमेट स्टील्थ डिजाइन: विमान का रडार क्रॉस-सेक्शन (RCS) इतना कम रखा गया है कि यह दुश्मन के आधुनिक रडार की पकड़ में नहीं आता। इसके एयर इनटेक और धड़ की ज्यामिति को रडार तरंगों को भटकाने के लिए खास तौर पर तैयार किया गया है।
2. मुरैड एईएसए रडार: यह तुर्की की एसेलसन कंपनी द्वारा विकसित अत्याधुनिक गैलियम नाइट्राइड (GaN) तकनीक आधारित AESA रडार से लैस है, जो एक साथ दर्जनों दुश्मनों को ट्रैक कर लॉन्ग-रेंज मिसाइल दाग सकता है।
3. ऑटोनॉमस विंगमैन (ड्रोन इंटीग्रेशन): KAAN में 'मैंड-अनमैंड टीमिंग' (MUM-T) क्षमता है, यानी इसका पायलट उड़ान के दौरान तुर्की के 'अकिंची' (Akinci) और 'किज़िलेल्मा' (Kizilelma) जैसे खतरनाक विंगमैन ड्रोनों को हवा से ही नियंत्रित कर दुश्मन पर आत्मघाती हमला करा सकता है।
4. टुलगार हेलमेट डिस्प्ले: पायलट के लिए ऐसा स्मार्ट हेलमेट तैयार किया गया है, जिससे वह विमान के आर-पार 360 डिग्री देख सकता है और सिर्फ नजरें घुमाकर दुश्मन पर निशाना साध सकता है।
5. सुपरक्रूज़ क्षमता: आफ्टरबर्नर ऑन किए बिना (कम ईंधन खपत में) यह विमान सुपरसोनिक गति से लंबी दूरी तय कर सकता है, जिससे इसकी कॉम्बैट एफिशिएंसी बढ़ जाती है।
KAAN बनाम F-35 बनाम Su-57: आमने-सामने तुलना
इंजन कॉन्फ़िगरेशन: TAI KAAN (तुर्की) में ट्विन इंजन (अधिक सुरक्षित और शक्तिशाली), F-35 Lightning II (अमेरिका) में सिंगल इंजन और Sukhoi Su-57 (रूस) में ट्विन इंजन है।
अधिकतम गति: KAAN की Mach 1.8 से 2.0, F-35 की Mach 1.6 और Su-57 की Mach 2.0 है।
कुल इंजन थ्रस्ट: KAAN का ~58,000 lbf, F-35 का ~43,000 lbf और Su-57 का ~66,000 lbf है।
स्टील्थ (रडार क्रॉस सेक्शन): KAAN उत्कृष्ट (~0.01–0.02 m²), F-35 सर्वोपरि (~0.005 m²) और Su-57 औसत (~0.1–0.5 m²) श्रेणी में आता है।
ड्रोन/विंगमैन कंट्रोल: KAAN में यह इन-बिल्ट (स्वदेशी ड्रोनों के साथ) है, F-35 में यह CCA प्रोग्राम के तहत विकास के अधीन है, जबकि Su-57 की ओखोटनिक ड्रोन के साथ टेस्टिंग जारी है।
सवाल-जवाब
प्रश्न 1: तुर्की ने अमेरिकी F-35 के रहते अपना खुद का KAAN लड़ाकू विमान क्यों विकसित किया?
जवाब: जब तुर्की ने रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदा, तो अमेरिका ने उस पर प्रतिबंध लगाते हुए उसे F-35 कार्यक्रम से बाहर कर दिया। इसके बाद तुर्की ने विदेशी निर्भरता खत्म करने और अपनी वायुसेना को आधुनिक बनाने के लिए स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का KAAN प्रोजेक्ट शुरू किया।
प्रश्न 2: 'मैंड-अनमैंड टीमिंग' (MUM-T) क्या है, जो KAAN को बाकियों से अलग बनाती है?
जवाब: इसका अर्थ है कि KAAN का पायलट अकेले उड़ान भरते हुए भी हवा में अपने साथ चल रहे एआई-संचालित स्टील्थ ड्रोनों (जैसे किज़िलेल्मा) को नियंत्रित कर सकता है, जिससे जोखिम वाले इलाकों में खुद गए बिना ड्रोनों से हमला कराया जा सके।
प्रश्न 3: KAAN लड़ाकू विमान कब तक तुर्की की वायुसेना में पूरी तरह शामिल होगा?
जवाब: शुरुआती प्रोटोटाइप्स की उड़ानों के बाद, वर्तमान (2026) में इसके एडवांस मिशन-सिस्टम वाले विमानों की टेस्टिंग चल रही है। तुर्की का लक्ष्य साल 2029 तक इसका सीरियल प्रोडक्शन शुरू कर 2030 के दशक की शुरुआत में इसे वायुसेना में तैनात करने का है।
https://hindi.news18.com/news/nation/turkey-tai-kaan-5th-gen-fighter-jet-offers-advanced-stealth-mach-2-0-speed-and-drone-teaming-to-rival-us-f-35-ws-l-10570666.html