अगर आपने बीते कुछ वर्षों में सड़क मार्ग से कहीं सफर किया है, तो आपको साफ महसूस हुआ होगा कि अब एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने में पहले के मुकाबले काफी कम वक्त लगता है। जहां कभी लंबा सफर थका देने वाला होता था, वहीं आज गाड़ियां चिकनी और चौड़ी सड़कों पर फर्राटा भर रही हैं। एक दौर में रोजाना महज 11 किलोमीटर हाईवे बनाने वाला भारत अब हर दिन करीब 34 किलोमीटर सड़कें बिछा रहा है।
बीते 12 सालों में देश ने 55,000 किलोमीटर से अधिक का आधुनिक रोड नेटवर्क तैयार कर लिया है, जिसने शहरों के बीच की घंटों की दूरी को मिनटों में समेट दिया है। आइए जानते हैं कि यह बदलाव कैसे संभव हुआ और देश का नया रोड मैप किस तरह बदला है।
नेटवर्क में 61% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी
सरकार की ओर से रविवार को जारी एक नई फैक्टशीट के मुताबिक, साल 2014 में देश में कुल 91,287 किलोमीटर हाईवे मौजूद थे। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 तक यह नेटवर्क बढ़कर 1,46,572 किलोमीटर तक पहुंच चुका है। यानी इन 12 सालों में 55,285 किलोमीटर नए हाईवे जोड़े गए हैं। इस तरह देश के नेशनल हाईवे नेटवर्क में रिकॉर्डतोड़ 61% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
तीन गुना बढ़ी निर्माण की रफ्तार
साल 2013-14 में देश में हर दिन औसतन सिर्फ 11.6 किलोमीटर सड़कें बनती थीं। लेकिन अब यह रफ्तार करीब तीन गुना बढ़कर लगभग 34 किलोमीटर प्रतिदिन तक पहुंच गई है। इस तेजी के पीछे सरकार की ‘भारतमाला परियोजना’ का बड़ा हाथ है, जिसके तहत मार्च 2026 तक 22,590 किलोमीटर से ज्यादा सड़कों का काम पूरा किया जा चुका है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बना सबसे बड़ा प्रोजेक्ट
करीब 1 लाख करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 1,386 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है। यह दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र को आपस में जोड़ता है। इसी महीने 5 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में इसके दो नए हिस्सों (किम-एना और गांडेवा-एना) का उद्घाटन किया।
इन चार एक्सप्रेसवे ने बदली सफर की तस्वीर
दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर: इसी साल 14 अप्रैल 2026 को शुरू हुए 213 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर ने दिल्ली से देहरादून का सफर 6 घंटे से घटाकर सिर्फ 2.5 घंटे कर दिया है।
बेंगलुरु-मैसूरु एक्सप्रेसवे: 118 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे ने दोनों शहरों के बीच की यात्रा को 3 घंटे से घटाकर महज 75 मिनट में समेट दिया है।
द्वारका एक्सप्रेसवे: 9,000 करोड़ रुपये की लागत से बने 29 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे ने दिल्ली और गुरुग्राम के बीच ट्रैफिक की रफ्तार को बेहद आसान बना दिया है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे: 82 किलोमीटर लंबे इस मार्ग ने नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में सफर को कहीं अधिक तेज और सुरक्षित कर दिया है।
https://hindi.news18.com/news/business/latest-11-km-to-34-km-per-how-national-highway-network-in-india-grow-in-modi-govt-12-years-ws-l-10570550.html