सेकंड हैंड कार कई लोगों को सस्ता और फायदे का सौदा लगती है, लेकिन इसमें कुछ ऐसे खतरे छिपे रहते हैं जो खरीदने के बाद ही उजागर होते हैं। बाढ़ या मूसलाधार बारिश में डूब चुकी गाड़ियां अक्सर चमका-धमकाकर साफ-सुथरी हालत में बेच दी जाती हैं। ऐसी गाड़ियों का इंजन, इलेक्ट्रिकल सिस्टम और दूसरे पुर्जे भीतर से खराब हो चुके होते हैं, जो आगे चलकर महंगी मरम्मत की वजह बनते हैं।
पानी में डूब चुके वाहन जल्दी खराब होते हैं, उनमें जंग लगने लगती है और सुरक्षा के लिहाज से भी ये जोखिम भरे साबित हो सकते हैं। अच्छी बात यह है कि बिना किसी मैकेनिक के भी कुछ आसान तरीकों से ऐसी कार को पहचाना जा सकता है। अंदर-बाहर की सिर्फ दो मिनट की समझदारी भरी जांच आपको भारी नुकसान से बचा सकती है। VIN चेक, गंध, पानी के निशान और छिपी हुई गंदगी जैसे संकेत साफ बता देते हैं कि गाड़ी कभी बाढ़ की चपेट में आई थी या नहीं। मॉनसून के मौसम में सतर्क रहकर सही फैसला लेने के लिए नीचे बताए गए चरणों पर गौर करें।
एक्सटीरियर और इंजन बे की पड़ताल
सबसे पहले टॉर्च की रोशनी में कार के इंजन कंपार्टमेंट को ध्यान से देखें। तंग जगहों, वायरिंग हार्नेस, स्टार्टर मोटर या पावर स्टीयरिंग पंप के पीछे अगर सूखी मिट्टी, कीचड़ या पानी के निशान नजर आएं तो सतर्क हो जाएं। हेडलाइट्स और टेललाइट्स के भीतर धुंध या पानी की कोई लाइन दिख रही हो, तो यह संदेह की बात है।
इसके अलावा स्क्रू और बोल्ट पर असामान्य जंग जरूर देखें। अगर गाड़ी अपेक्षाकृत नई है और फिर भी उसमें जंग दिख रही है, तो यह बाढ़ में डूबने का बड़ा संकेत हो सकता है।
इंटीरियर का स्निफ टेस्ट
कार के भीतर बैठकर उसकी गंध को परखें। अगर अंदर फफूंद या नमी की बदबू आ रही हो, तो फ्लड डैमेज की आशंका बढ़ जाती है। ध्यान रखें कि ऐसी बदबू को छिपाने के लिए अक्सर जरूरत से ज्यादा एयर फ्रेशनर का इस्तेमाल किया जाता है।
सीट बेल्ट को पूरी तरह खींचकर बाहर निकालें और उसके निचले हिस्से को देखें—अगर वहां मिट्टी या पानी का दाग मिले तो समस्या है। साथ ही कार्पेट के नीचे हाथ डालकर नमी, दाग या जंग की जांच करें। किसी पुरानी गाड़ी में नई कार्पेट या नई अपहोल्स्ट्री दिखे तो यह भी शक पैदा करता है।
ट्रंक और छिपी हुई जगहों की जांच
ट्रंक खोलकर स्पेयर टायर के नीचे पानी की लाइन, मिट्टी या गंदगी देखें। डैशबोर्ड, ग्लव बॉक्स और सीटों के नीचे पानी के निशान या जंग लगे स्क्रू तलाशें। दरवाजों के निचले हिस्से और बॉडी पैनल के गैप में भी सूखे कीचड़ की जांच करना न भूलें।
VIN और अतिरिक्त सावधानियां
VIN नंबर के जरिये Carfax, AutoCheck या NICB जैसी सेवाओं से गाड़ी की हिस्ट्री रिपोर्ट जरूर निकलवाएं। बाढ़ प्रभावित इलाके से आई गाड़ी खरीदने से बचें। अगर लाइट्स या पावर विंडो जैसी इलेक्ट्रिकल चीजें ठीक से काम न करें, तो इसकी प्रबल संभावना है कि कार बाढ़ से प्रभावित रही हो।
इन आसान तरीकों को अपनाकर आप महज दो मिनट में फ्लड-डैमेज्ड कार पहचान सकते हैं। मॉनसून में जल्दबाजी न करें, अच्छी तरह जांच-परख कर ही सौदा करें और बड़े धोखे से बचें। जरा सी जल्दबाजी आपको भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
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