पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में सरकारी जमीन का पट्टा दिलाने के नाम पर पैसे वसूलने के आरोप को लेकर स्थानीय लोगों ने एक अलग ही अंदाज में नाराजगी जाहिर की। मामला दुर्गापुर के वार्ड नंबर 41 से जुड़ा है, जहां पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्षद शिपुल साहा के खिलाफ निवासियों ने 'ऑमलेट प्रदर्शन' किया। आक्रोशित लोगों ने पार्षद के करीबी बताए जाने वाले एक तृणमूल नेता को जबरन अंडे का ऑमलेट खिलाकर अपना गुस्सा जताया और जमीन के नाम पर ली गई रकम का हिसाब चुकाने की मांग की।
चार साल पहले लिए पैसे, न पट्टा मिला न रकम लौटी
यह घटना दुर्गापुर के महानंदा कॉलोनी इलाके की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब चार साल पहले महानंदा कॉलोनी, बीरभानपुर और आसपास के इलाकों के कई लोगों से सरकारी जमीन का पट्टा दिलाने का भरोसा देकर पैसे लिए गए थे। आरोप है कि इतने वर्ष बीत जाने के बावजूद न तो किसी को जमीन का पट्टा मिला और न ही जमा कराई गई राशि वापस की गई।
आवेदन पत्र मिलने के बाद भड़का गुस्सा, घेरा गया तृणमूल नेता
शनिवार रात महानंदा कॉलोनी के एक शिक्षक के घर से पट्टे से जुड़े कई भरे हुए आवेदन पत्र मिलने का दावा किया गया। निवासियों का आरोप है कि चुनाव परिणाम आने के बाद हालात बिगड़ते देख कुछ तृणमूल नेताओं ने ये फॉर्म वहां छिपा दिए थे। इसके बाद नाराज लोग उन फॉर्मों और झाड़ू हाथों में लेकर विरोध प्रदर्शन पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने शिपुल साहा के करीबी माने जाने वाले स्थानीय तृणमूल नेता सुकुमार चक्रवर्ती को मौके पर बुलाया और प्रतीकात्मक तौर पर उन्हें अंडे का ऑमलेट खिलाते हुए पट्टा मामले में ली गई रकम का हिसाब मांगा।
नेता ने झाड़ा पल्ला, जांच की मांग
हालांकि सुकुमार चक्रवर्ती ने पूरे मामले से अनजान होने की बात कही। उनका कहना था कि उन्हें इस विषय की कोई जानकारी नहीं है और इस बारे में शिपुल साहा ही विस्तार से बता सकते हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।
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