उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के विकासनगर इलाके में रविवार को हालात बेहद तनावपूर्ण बने रहे। यहां एक मामूली कहासुनी से शुरू हुआ झगड़ा इतना बढ़ा कि भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े विनोद कश्यप की जान चली गई। सहसपुर थाना क्षेत्र के बैरागीवाला में भड़का यह विवाद देखते ही देखते एक बड़े सांप्रदायिक टकराव में तब्दील हो गया।
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन करते हुए हाईवे जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के घर पर कथित रूप से पथराव करने के बाद उसमें आग भी लगा दी। विवाद बढ़ता देख प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं और आरोपी के मकान पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया।
कौन था विनोद कश्यप?
45 वर्षीय विनोद कश्यप विकासनगर क्षेत्र में भाजपा युवा मोर्चा से जुड़ा हुआ था। स्थानीय लोगों के मुताबिक वह सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहता था और पहले बीडीसी का चुनाव भी लड़ चुका था। परिवार और समर्थकों का कहना है कि इलाके में उसकी अच्छी पहचान थी।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, इस झगड़े की जड़ एक पुराना विवाद और पैसों के लेन-देन को लेकर हुई कहासुनी रही। बताया जा रहा है कि शनिवार को विनोद कश्यप अपने परिजनों के साथ खेत में पानी लगाने गया था, तभी दूसरे पक्ष के लोगों से टकराव हो गया।
देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया और विनोद कश्यप, उसके भाई अशोक तथा राजेश पर लाठी-डंडों और हथियारों से हमला कर दिया गया। हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, मगर हरबर्टपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान विनोद कश्यप ने दम तोड़ दिया।
हत्याकांड के आरोपी कौन?
मृतक पक्ष ने गांव के पूर्व प्रधान असफाक के रिश्तेदारों और कुछ अन्य लोगों पर हमले का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि पुरानी रंजिश के चलते विनोद और उसके साथियों को निशाना बनाया गया।
देहरादून पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और लगातार दबिश दी जा रही है। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने कहा है कि मामले में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का दावा है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ भी कदम उठाए जाएंगे।
सीसीटीवी फुटेज में क्या दिखा?
घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने मामले को और चर्चा में ला दिया है। फुटेज में कुछ लोग विनोद कश्यप और उसके साथियों पर हमला करते नजर आ रहे हैं और यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस फुटेज को जांच का हिस्सा बनाया गया है तथा हमलावरों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
हत्या के बाद क्यों भड़का बवाल?
विनोद कश्यप की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बैरागीवाला और विकासनगर क्षेत्र में जमा हो गए। बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और अन्य संगठनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने दून-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना दिया और कई घंटों तक हंगामा किया। हालात तब और बिगड़ गए जब कुछ उग्र तत्वों ने आरोपियों के घरों पर पथराव कर उनमें आग लगा दी।
इंटरनेट बंद, छावनी में तब्दील इलाका
स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती देख प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। पुलिस को आशंका थी कि सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलने से माहौल और खराब हो सकता है। इस बीच पूरे बैरागीवाला और आसपास के इलाकों को पुलिस छावनी में बदल दिया गया। बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए, जबकि वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते रहे।
मृतक के परिजनों और समर्थकों का कहना है कि जब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इसी मांग को लेकर क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन जारी है। परिजनों का आरोप है कि हत्या सुनियोजित ढंग से की गई और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
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