बिहार की अनोखी सियासत: बिना सदन सदस्यता दो बार मंत्री बने दीपक प्रकाश, सम्राट से कुशवाहा तक जता रहे भरोसा

आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश अब तक दो बार बिना किसी सदन का सदस्य बने पंचायती राज मंत्री की कुर्सी संभाल चुके हैं। एमएलसी बनने की राह न दिखने के बावजूद सीएम सम्राट चौधरी और उपेंद्र कुशवाहा दावा कर रहे हैं कि वे मंत्री बने रहेंगे।

बिहार की राजनीति इन दिनों एक दिलचस्प पहेली बनकर सामने आई है। आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश दो बार मंत्री पद की शपथ ले चुके हैं, लेकिन अब तक वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं बन पाए हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री से लेकर उनके पिता तक यह भरोसा जता रहे हैं कि वे मंत्री बने रहेंगे।

दो बार ली मंत्री पद की शपथ

दीपक प्रकाश ने पहली बार 20 नवंबर 2025 को नीतीश कुमार की 10वीं सरकार में पंचायती राज मंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद दूसरी बार 7 मई 2026 को उन्होंने सम्राट चौधरी की सरकार में फिर से पंचायती राज मंत्री का दायित्व अपने हाथ में लिया।

बिना सदन सदस्यता मंत्री

खास बात यह है कि अब तक दोनों ही मौकों पर वे किसी सदन के सदस्य बने बिना ही मंत्री बने हैं। मौजूदा हालात को देखें तो फिलहाल उनके एमएलसी बनने की कोई संभावना भी नजर नहीं आ रही है।

फिर भी जताया जा रहा भरोसा

इन परिस्थितियों के बावजूद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दीपक प्रकाश के पिता उपेंद्र कुशवाहा दावा कर रहे हैं कि वे अभी मंत्री हैं और आगे भी इस पद पर बने रहेंगे।

एनडीए के सामने चुनौती

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि एनडीए दीपक प्रकाश को मंत्री पद पर बनाए रखने के लिए कौन-सा रास्ता निकालता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि संवैधानिक अड़चनों के बीच गठबंधन इस स्थिति को कैसे संभालता है।

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