छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां के खर्वे गांव में 8 लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों को आशंका है कि इन लोगों को शराब में जहर देकर मौत के घाट उतारा गया। इसी संदेह के चलते पुलिस को दफन किए गए शवों को कब्र से बाहर निकालना पड़ा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल में जुटी है और बताया जा रहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
बलौदाबाजार के खर्वे गांव में 8 मौतों ने मचाई सनसनी
बलौदाबाजार जिले के खर्वे गांव में कथित जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का मामला सामने आते ही लोगों के रोंगटे खड़े हो गए हैं। बीते कई महीनों के दौरान 8 लोगों की मौत और उसके बाद ग्रामीणों के गंभीर आरोपों ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। अब सच्चाई का पता लगाने के लिए पुलिस और एफएसएल की टीम सीधे कब्र तक जा पहुंची है। दफन शवों को बाहर निकालकर बारीकी से जांच की जा रही है। सवाल यह है कि इन मौतों की असली वजह कोई हादसा है, जहरीली शराब है या फिर कोई सोची-समझी साजिश?
मौतों पर क्या बोले ग्रामीण
गांव के एक निवासी ने बताया कि ये मौतें शराब पीने के कारण हुई हैं। यह भी कहा जा रहा है कि शराब में नशीला पदार्थ मिलाया गया था और इसी बात को लेकर पूरे गांव में संदेह बना हुआ है। अब तक कुल 8 लोग जान गंवा चुके हैं।
एक अन्य ग्रामीण का कहना है कि जो भी व्यक्ति यह शराब पीता है, उसकी महज 10 से 15 मिनट के भीतर ही मौत हो जाती है। उनका दावा है कि शराब में नशीला पदार्थ मिला हुआ है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
शराब में जहर मिलाए जाने की आशंका
दरअसल कसडोल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खर्वे गांव में कथित जहरीली शराब से हुई 8 लोगों की मौत के इस मामले में जांच तेज कर दी गई है। शनिवार को पुलिस, प्रशासन और फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम मौके पर पहुंची। जांच के तहत दफन किए गए शवों को बाहर निकालकर परीक्षण की प्रक्रिया शुरू की गई।
बीते दिनों खर्वे गांव के बड़ी संख्या में ग्रामीण कसडोल थाने पहुंचे थे और मामले की जांच की मांग करते हुए आवेदन सौंपा था। ग्रामीणों को शक है कि गांव के ही रामसाय जायसवाल ने बीते 8 माह से शराब में जहर मिलाकर लोगों को पिलाया, जिसके चलते इन लोगों की जान चली गई।
ग्रामीणों के अनुसार जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें बद्री पटेल, बुटालु साहू, छत्तूराम साहू, बुदलू जायसवाल, विनोद साहू, गजानन मांझी, चैतु साहू और महेतरू साहू शामिल हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की थी।
शिकायत के बाद जांच में जुटी पुलिस
ग्रामीणों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। मौके पर पहुंची एफएसएल टीम साक्ष्य जुटाने में लगी है, वहीं दफन शवों को बाहर निकालकर जरूरी जांच कराई जा रही है, ताकि इन मौतों के असली कारणों का पता लगाया जा सके।
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