पंजाब विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन गई है। पाकिस्तान की सरजमीं से ड्रोन के सहारे ड्रग्स और हथियार भारतीय सीमा में भेजे जा रहे हैं, जिसने सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
आंकड़े बता रहे खतरे की गंभीरता
एनसीबी और पंजाब पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो हालात लगातार बिगड़ते दिख रहे हैं। साल 2021 की तुलना में 2025 में ड्रोन के माध्यम से जब्त की गई नशीली खेपों में करीब 50 गुना का इजाफा दर्ज किया गया है। यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि तस्करी का यह तरीका लगातार ज्यादा सक्रिय होता जा रहा है।
मौजूदा हालात और भी चिंताजनक हैं। साल 2026 के महज छह महीनों के भीतर ही सुरक्षा बलों ने 516 किलो हेरोइन, 122 हथियार और 139 ड्रोन बरामद किए हैं। इतने कम समय में इतनी बड़ी बरामदगी यह दर्शाती है कि सीमा पार बैठे नेटवर्क कितने व्यवस्थित ढंग से काम कर रहे हैं।
अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
जांच एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान समर्थित तस्कर नेटवर्क अब सामान्य ड्रोन की जगह सैटेलाइट इंटरनेट से संचालित होने वाले अत्याधुनिक ड्रोन का सहारा ले रहा है। इस तरह की तकनीक के चलते इन उड़ानों पर नजर रखना और उन्हें समय रहते रोक पाना पहले से कहीं अधिक कठिन हो गया है।
चुनाव से पहले बढ़ी सतर्कता
पंजाब में चुनावी सरगर्मी के बीच इस तरह की लगातार तस्करी को सुरक्षा एजेंसियां हल्के में नहीं ले रही हैं। आधुनिक उपकरणों के सहारे हो रही इस घुसपैठ से निपटने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत करने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में चौकसी बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
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